संतों के बेबाक बोल: नोटबंदी से बेईमान होंगे घोर बेईमान

संतों ने कहा कि प्रधानमंत्री ईमानदार हैं लेकिन 2 हजार का नोट निकालने से तो बेईमान घोर बेईमान हो जाएगा...

संतों के बेबाक बोल: नोटबंदी से बेईमान होंगे घोर बेईमान

सिर्फ आम लोग ही नहीं संत भी पीएम मोदी के फैसले की आलोचना कर रहे हैं। गोवर्धनमठ पुरी के 145 वें जगदगुरु शंकराचार्य निश्चलानन्द महाराज ने कहा कि नोट बंद करना बेईमानी रोकने का मार्ग नहीं है, प्रधानमंत्री ईमानदार हैं लेकिन 2 हजार का नोट निकालने से तो बेईमान अब घोर बेईमान हो जाएगा। पहले हजार-पांच सौ के नोट रखने के लिए बड़ा बक्सा चाहिए होता था, अब दो हजार का नोट तो छोटे बक्से में ही आ जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर आए शंकराचार्य ने महावीरनगर में एक आयोजन स्थल पर पत्रकारों से बातचीत में कहा, प्रधानमंत्री के पास तगड़े सलाहकार हैं लेकिन उद्योगपतियों के पास उनसे भी मजबूत सलाहकार हैं। मुख्यमंत्रियों को आईएएस चलाते हैं और आईएएस को उद्योगपति। कई राज्यों में सचिव स्तर पर रहे आईएस आज जेलों में हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले सात दशकों में झूठ-बेईमानी का प्रशिक्षण नेताओं ने ही तो लोगों को दिया है। नेता ही देश में चोरी-बेईमानी की फैक्ट्रियां चला रहे हैं। सबसे ज्यादा झूठ 15 अगस्त और 26 जनवरी को लालकिले से बोला जाता रहा है। आजकल नेताओं की अक्ल भारी हो गई है। खुद को संतों से ऊपर समझने लगे हैं। देश को नकलची, प्रयोगशाला बना छोड़ा है। दिशाहीन बना दिया है।

शंकराचार्य ने आगे कहा कि हमारी न्याय प्रणाली दूषित है। देश को बचाना है तो न्याय पद्धति में आमूलचूल परिवर्तन करने होंगे। लोगों में परलोक के प्रति अनास्था उत्पन्न कर दी है। मठों-मंदिरों और घरों का वातावरण वैसा नहीं रह गया है।