छेड़छाड़ से परेशान 2 दलित बहनाें ने स्कूल जाने से किया इनकार

दो बहनों ने अपने ही गांव के युवकों पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप, पीड़िताओं ने घटना से तंग आकर स्कूल जाने से किया इनकार ।

छेड़छाड़ से परेशान 2 दलित बहनाें ने स्कूल जाने से किया इनकार

हरियाणा में यमुनानगर के खिजराबाद गांव में मनचलों की छेड़छाड़ से तंग आकर दो दलित बहनों के स्कूल छोड़ने का मामला सामने आया है। पीड़िताओं ने गांव के ही कुछ लड़काें पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। पीड़िताओं का कहना है कि स्कूल जाते समय गांव के ही कुछ युवक उनसे छेड़छाड़ करते थे।

यमुनानगर-पोंटासाहब हाइवे पर बसे गांव खिजराबाद के सरकारी स्कूल में 9वीं और 10वीं क्लास में पढ़ने वाली छात्राओं ने उस वक़्त स्कूल जाना बंद कर दिया जब वे अपने साथ हो रही छेड़छाड़ से बुरी तरह परेशान हो गई। परिजनों को इस घटना की जानकारी मिली तो गांव में पंचायत की गई और पंचायत में युवकों द्वारा माफी मांगी गई। वहीं, पंचायत ने इस मामले कि सुनवाई करते हुए आरोपी युवकों को जूते मारने की सजा सुनाई ।

पीड़ित परिवार के अनुसार, उन्हें केवल जूते मारकर सजा दी गई। इसके बाद मामले को यहीं तक रफादफा कर दिया गया, लेकिन इसके बाद भी छेड़छाड़ का सिलसिला चलता रहा। कुछ समय से छेड़छाड करने वालों के हौंसले और भी बुलंद हो गए।

सामाजिक तौर पर हुए समझौते के बाद अब छेड़छाड का विरोध करने पर उलटे लड़की के परिवार वालों के साथ ही आरोपियों ने मारपीट की। इस लड़ाई घायल हो जाने के बाद लड़कियों के पिता को ट्रॉमा सेंटर यमुनानगर में भर्ती करवाया गया। इस के बाद उन लड़कियों के घर पर ताला लगा

मामले में स्थानीय एसएचओ का कहना है कि दोनों परिवार पड़ोसी हैं और दलित समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। आरोपियों ने पीड़ित परिवार के घर में घुसकर मारपीट की थी। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 148, 149, 323, 452 व 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। अब अदालत ने उन्हें 20 नवंबर को जांच में शामिल होने के आदेश दिए हैं। एसएचओ ने कहा कि उन्होंने गुरुवार को पीड़ित परिवार के घर पर जाकर लडकियों को स्कूल ले जाने की कोशिश की, लेकिन घर पर ताला लगा हुआ मिला। उनका पिता चोट लगने के कारण अस्पताल में यमुनानगर में है और लड़कियां भी अपने पिता के पास ही हैं। लड़की की मां व पिता ने बताया कि परिवार भी बुरी तरह डरा सहमा हुआ है। ऐसे में लड़कियों को स्कूल कैसे भेजा जा सकता है।

(तस्वीर- प्रतिकात्मक)