पिज्जा ब्वॉय से पहले पहुंचेगी यूपी पुलिस

100 नंबर डायल करो, यूपी पुलिस आएगी आपके पास। डायल 100 के स्टार्ट होने से यूपी में क्राइम कम होने का दावा किया जा रहा है।

पिज्जा ब्वॉय से पहले पहुंचेगी यूपी पुलिस

लखनऊ. अखिलेश ने अपने ड्रीम प्रोजेक्‍ट 'डायल 100' का शनिवार को इनॉगरेशन किया। सरकार का दावा है कि इस प्रोजेक्‍ट के लागू होने से 20 मिनट के अंदर पुलिस घटना स्‍थल पर पहुंचेगी। यह सेवा प्रदेश के 11 जिलों में शुरू की गई है। इस हाईटेक सेवा का उद्घाटन कार्यक्रम लखनऊ के शहीद पथ पर बने ‘यूपी 100 UP’ भवन में किया गया।

अब पुलिस आपके पास पहुंचेगी

- सीएम ने यहां कहा कि जब से समाजवादी सरकार आई तब से बहुत काम हुआ है।
- डायल 100 के रूप में देश और दुनिया का सबसे बड़ा सेंटर पुलिस का बनाया गया।
- 108-102 एंबुलेंस सेवा पर आम जनता का भरोसा जागा है। मैं समझता हूं 100 नंबर पर यही भरोसा काम करेगा।
- अभी तक आप को थाने जाना पड़ता था। अब इस सेवा के शुरू होने के बाद पुलिस आपके पास आएगी।
- अभी यह शुरू हुई है, आगे जो कमियां होंगी वो भी दूर होंगी।

विकास में हम लोगों पर कोई सवाल नहीं
- सीएम ने कहा कि विकास में हम लोगों पर कोई सवाल नहीं कर सकता, लेकिन कानून व्‍यवस्‍था को लेकर सवाल किए जाते हैं।
- इस सेवा के शुरू होने के बाद शायद ये शिकायतें दूर हो जाएंगी।
- लोग कहते थे कि पुलिस ठीक से बात नहीं करती, लेकिन अब लोगों के साथ सम्‍मानजनक व्‍यवहार होगा।

100 नंबर मिसाल बनेगा
- अखिलेश ने कहा काम बहुत हुआ है, काम में कोई मुकाबला नहीं। एक्‍सप्रेस वे, लैपटॉप, मेट्रो ये उदाहरण हैं। अब 100 नंबर भी उदाहरण होगी।
- इस योजना को सफलता से लागू करने के लिए मैं वेंकट चंगाबली का अभार व्‍यक्‍त करता हूं।
- डायल 100 के शुरू होने के साथ ही लोग वेंकट चंगाबली को भी खोजेंगे कि ये हमारी भी मदद करें।
- पुलिस में बहुत से लोग हैं, जो अच्‍छा काम कर रहे हैं। इस सुविधा के बाद और अच्‍छा काम करेंगे।
- 100 नंबर से पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ेगा।

सीएम ने पुलिस विभाग के लगभग 2000 भवनों का लोकार्पण किया
- इस कार्यक्रम में सीएम ने पुलिस विभाग के लगभग 2000 भवनों का लोकार्पण किया।

- हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को 2 बेडरूम मकान और इंस्पेक्टर लेबल के पुलिस कर्मियों को 3 बीएचके का मिलेगा मकान।
- इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 5 पीआरवी पायलटों को इनोवा वाहनों की चाभी प्रदान की।

- सीएम ने 100 नम्बर पर कॉल करके यूपी पुलिस को इस सेवा के लिए शुभकामनाएं दीं।
- वहीं, सीएम ने यूपी 100 परियोजना के वाहनों को रवाना भी किया। जल्‍द ही लखनऊ में ई थाना खुलेने का भी एलान किया।

पिज्‍जा डिलिवरी से पहले पहुंचेगी पुलिस
- यूपी डायल 100 को लेकर सरकार का दावा है कि पुलिस घटनास्‍थल पर 20 मिनट में पहुंचेगी।
- बता दें, कुछ ऐसा ही दावा पिज्‍जा कंपनियां भी करती हैं, लेकिन उनका टाइम 30 मिनट का होता है।
- ऐसे में ये कहा जा सकता है कि यूपी में इस सेवा के शुरू होने के बाद पिज्‍जा से पहले पुलिस पहुंचेगी।

इस तरह से काम करेगा पूरा नेटवर्क

- डायल 100 का नेटवर्क पूरी तरह इंटरनेट और रोड मैपिंग पर बेस्‍ड रहेगा।
- शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे के कंट्रोल रूम बाइ एयर ऑनलाइन रहेंगे।
- पूरे शहर को स्क्रीन के जरिए देखा जा सकेगा।
- जहां घटना होगी, वहां का लैंडमार्क और मैपिंग सैटेलाइट के जरिए लोकेट की जाएगी।
- पीड़ित व्यक्ति के कॉल करते वहां की लोकेशन तत्काल ली जाएगी।
- पीड़ित डायल 100 पर कॉल करेगा और उसके सबसे पास के कैमरे और लोकेशन को ट्रेस किया जाएगा।
- कंट्रोल रूम सबसे पास में मौजूद डायल 100 की वैन में तैनात पुलिसकर्मियों को वायरलेस सेट पर सूचना देगा।
- निश्चित टाइम पर पुलिस पीड़ित के पास मौके पर पहुंचेगी।
- पुलिस टीम पीड़ित को तुरंत राहत या सर्विस उपलब्ध कराएगी।
- डायल 100 की टीम लोकल थाने की पुलिस को घटना की जानकारी देगी।
- डायल 100 के कंट्रोल रूम से पीड़ित के पास फीडबैक कॉल भी आएगी।
- उसके संतुष्ट होने के बाद कॉल पूरी मानी जाएगी, वरना पूरा प्रॉसेज दोबारा किया जाएगा।

कैसे यूनिक है अखिलेश का ये प्रोजेक्‍ट
- 100 नंबर मिलाने पर 10-20 मिनट में पुलिस मौके पर मदद के लिए पहुंचेगी।
- डायल-100 में सभी कॉल रिकॉर्ड होंगी। पीड़ित व्यक्ति के संतुष्ट होने के बाद ही केस बंद किया जाएगा।
- प्रदेश के सभी 75 जिलों में कुल 3200 चार पहिया वाहन और 1600 दो पहिया वाहन लगाए जा रहे हैं।
- सभी वाहनों में जीपीएस लगा होगा, जिससे हर व्‍हीकल की लोकेशन मिल सके।
- लखनऊ में अल्ट्रा-मॉडर्न कंट्रोल रूम बनाया गया है।
- आगरा और वाराणसी में भी 2 कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।
- शहरी इलाकों में दोपहिया वाहन 10 मिनट में और चार पहिया वाहन 15 मिनट में पहुंचेंगे।
- ग्रामीण इलाकों के लिए रिस्पॉन्स टाइम 4 पहिया वाहन के लिए 20 मिनट रखा गया है।
- एम्‍बुलेंस, फायर सर्विस, राजमार्ग पुलिस, एकीकृत यातायात प्रबंध, वीमेन पावर लाइन, स्वास्थ्य सेवाओं को भी जोड़ा गया है।
- कॉल सेंटर पर आने वाले आंकड़ों के एनालिसिस और रिसर्च के लिए एक स्पेशलाइज्ड सेंटर बनाया जा रहा है।