अमेरिकी यूनिवर्सिटी पर हमला करने वाले के तार पाकिस्तान से जुड़े है

अमेरिका के ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी में अपनी कार और चाकू से हमला करने वाले अब्दुल रजाक अली अरतान के पाकिस्तानी संपर्क का पता चला है।

अमेरिकी यूनिवर्सिटी पर हमला करने वाले के तार पाकिस्तान से जुड़े है

अमेरिका के ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी में अपनी कार और चाकू से हमला करने वाले अब्दुल रजाक अली अरतान के पाकिस्तानी संपर्क का पता चला है। सोमालिया से विस्थापित यह युवक अमेरिका आने से पहले सात वर्षो तक पाकिस्तान में रहा था। दो वर्ष पहले अरतान विस्थापित के रूप में अमेरिका आया था। उसके आतंकी संपर्क की पड़ताल की जा रही है।

यह हमला निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान किए गए आह्वान की ओर ध्यान दिलाता है। ट्रंप ने मुस्लिम आव्रजन पर अस्थायी रोक लगाने और जांच प्रक्रिया और कड़ी करने का आह्वान किया था। ट्रंप का रुख नरम हो गया है। अब वे आतंकवाद से जुड़े देशों से आने वालों पर कड़ी नजर रखने पर जोर दे रहे हैं। अरतान ने ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी परिसर में भीड़ की तरफ अपनी कार दौड़ा दी थी।

पुलिस द्वारा मार गिराए जाने से पहले उसने चाकू से वार कर 11 लोगों को घायल कर दिया था। हमला करने से थोड़ी ही देर पहले फेसबुक पर उसने एक अमेरिका विरोधी पोस्ट किया था। उसने पोस्ट में लिखा था, 'मैं इसे नजरअंदाज नहीं कर सकता। अमेरिका मुस्लिम देशों में हस्तक्षेप बंद करे। हम कमजोर नहीं हैं इसे याद रखे। यदि चाहते हो कि हम मुसलमान भेडि़या की तरह हमले बंद कर दें तो शांति बनाओ। जबतक तुम मुस्लिमों को शांति से नहीं रहने दोगे तबतक हम तुम्हें चैन से नहीं रहने देंगे।' उसने अमेरिका में पैदा हुए अल-कायदा के मौलवी को अपना हीरो बताया है।

बतादें कि बीते सोमवार को उसने कोलंबस में स्थित यूनिवर्सिटी परिसर में भय का माहौल कायम कर दिया था। परिसर की सुरक्षा बहाल होने तक छात्रों को बाथरूम में छिपना पड़ा था। अधिकारियों ने मीडिया काे कहा कि कार और चाकू से घायल 11 लोग स्थानीय अस्पताल में भर्ती हैं। सभी खतरे से बाहर हैं।