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सपा की नई उमंग और नया सवेरा

उत्तर प्रदेश सरकार मुसलमानों के बीच दो किताबों को बटवा रही हैं। इन किताबों के जरिए अखिलेश यादव साबित कर रहे हैं कि जमीनी स्तर पर उनकी सरकार ने अल्पसंख्यकों के लिए सबसे ज्यादा काम किया। इससे पहले मायावती ने एक छोटी सी बुकलेट मुसलमानों के बीच बटवा कर कहा था कि मुलायम सिंह मुसलमानों को धोखा देते हैं......

“मुस्लिम समाज का सच्चा हितैषी कौन, फैसला आप खुद करें” उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जब इस छोटी सी बुकलेट को पढ़ा तो उन्होंने उसी अंदाज में इसका उत्तर देना मुनासिब समझा। महज 8 पन्नों वाली उक्त बुकलेट को बसपा उत्तर प्रदेश के मुसलमानों के बीच बटवा रही हैं। इस बुकलेट में कहा गया हैं कि मुसलमान सपा पर भरोसा न करे। मुसलमानों के हाथों से होती हुई यह अदना सी किताब अखिलेख यादव के पास भी पहुंची तो उन्होंने इस किताब को दूसरे सपा नेताओं की तरह हल्के में नहीं लिया।

अखिलेश यादव ने अपनी सरकार के उन तमाम कामकाज का लेखा जोखा जुटाने का आदेश दिया जो राज्य की अल्पसंख्यक आबादी के हक में किए गए थे। अखिलेश यादव का दावा हैं कि प्रदेश के मुसलमानों के विकास के लिए जो कामकाज उनकी सरकार ने किए उनकी फेहरिस्त बहुत लंबी है। बीते 20 वर्षों तक इतनी बड़ी तादाद में काम नहीं हुए थे। लिहाजा अखिलेश यादव के आदेश के बाद राज्य सूचना विभाग ने अपनी उर्दू की किताब “नई उमंग” में सभी कामकाजों का ब्यौरा दिया। सपा को लगा कि इस किताब के जरिए मुसलमानों तक उसकी बात पहुंच जाएगी और उसके खिलाफ चलाए जा रहे बसपा के दुष्प्रचार का असर कम होगा। अखिलेख सरकार की योजना हैं कि विधानसभा चुनावों से पहले “नई उमंग” कि लाखों प्रतियां प्रदेश के मुसलमानों के बीच पहुंच जानी चाहिए।

इसके अलावा सपा सरकार ने नगर विकास विभाग द्वारा संचालित “नया सवेरा विकास योजनाओं” के तहत “नया सवेरा” नाम से हिंदी में भी एक पत्रिका निकालने का फैसला किया है। दोनों किताबों में मुसलमानों के लिए किए गए विकास कार्यों का विवरण है जिसे राज्य के मुस्लिम मतदाताओं के बीच पहुंचाने का दायित्व सपा कार्यकर्ताओं को सौंपा गया है। दोनों किताबों के माध्यम से अखिलेश यादव ने कहा है कि उनकी सरकार ने राज्य में पंजीकृत 10 हजार मदरसों को आर्थिक सहायता प्रदान की, अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं को बढ़ावा दिया, हथकरघा बुनकर पेंशन योजना शुरू की, प्रदेश में उर्दू अकादमी को साधन संपन्न बनाया, हज यात्रियों की सुविधाओं में इजाफा किया, गाजियाबाद में आलीशान हज हॉउस का निर्माण कराया, प्रदेश के 8 हजार कब्रिस्तानों का चारदीवारी का निर्माण कराया, अल्पसंख्यक क्षेत्रों में मॉडल स्कूल खोलने का काम किया, मुअल्लिमीने उर्दू किए हुए युवकों को नौकरी दी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए मुस्लिम तबके के युवकों के लिए रफीकुल मुल्क मुलायम सिंह यादव आइएएस स्टडी सेंटर (कोचिंग) खोले। अखिलेश यादव ने अपनी सरकार की तमाम उन उपलब्धियों का लेखाजोखा इन दोनों किताबों में शामिल कराया है।

सपा ने अपने सभी मुस्लिम नेताओं को दोनों किताबों के साथ मुसलमानों के बीच सक्रिय कर दिया है ताकि बसपा के दुष्प्रचार को कम किया जा सके। सपा सरकार ने तय किया हैं कि 10 हजार मदरसों, मुस्लिम शिक्षण संस्थाओं और सपा के जिला दफ्तरों में नई उमंग और नया सवेरा किताबों को बड़ी तादाद में पहुंचाया जाएगा। पार्टी नेताओं का कहना हैं कि जमीनी स्तर पर मुसलमान इन किताबों को पढ़ कर खुद फैसला करेंगे कि उनके लिए सबसे मुफिद पार्टी कौन सी है। अखिलेश यादव का कहना हैं कि अल्पसंख्यकों की सबसे हितैषी सपा ही है बसपा ने तो तीन-तीन बार भाजपा से हाथ मिला कर सरकार बनाई भविष्य में भी ऐसा न हो इसकी कोई गारंटी नहीं है।

(ये लेखक के निजी विचार हैं, लेखक वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार हैं।)

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