एटीएम की लाइन में शख्स की मौत, लोगों ने लाइन छोड़ने की वजह से नहीं की मदद

पश्चिम बंगाल में एक शख़्स को एटीएम की लाइन में लगने से दिल का दौरा पड़ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई...

एटीएम की लाइन में शख्स की मौत, लोगों ने लाइन छोड़ने की वजह से नहीं की मदद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर से 1000 , 500 के नोटों को अमान्य करार दे दिया था। उसके बाद से बैंकों और एटीएम में लोगों की लंबी-लंबी कतारे लगनी शुरू हो गई थी। जो अभी तक जस की तस लगी हुई हैं। नोटबंदी के बाद लोगों की लंबी कतारे कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। लाइन में लगने से लोगों की मौत की खबरें भी आए दिन मीडिया में आ रही है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है पश्चिम बंगाल का जहां एक शख़्स को एटीएम की लाइन में लगने से दिल का दौरा पड़ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। लेकिन वहां खड़े हुए लोगों ने उसकी कोई मदद नहीं की।

बता दें कि वहां खड़े लोगों ने उस शख़्स की मदद सिर्फ इस लिए नहीं की क्योंकि उनकों लाइन में अपनी जगह छोड़नी पड़ती। ये घटना कोलकाता से 60 किमी दूर की है। मरने वाले शख्स का नाम कलोल रे चौधरी है जो राज्य सरकार के कर्मचारी थे। कलोल कूचबिहार में लैंड रेवेन्यू ऑफिस में काम करते थे। दिल का दौरा पड़ने के बाद कलोल एटीएम के नजदीक 30 मिनट तक दर्द से तड़पते रहे। जब तक उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, उनकी मौत हो चुकी थी।

गौरतलब है कि कलोल कोलकाता के बेहाला स्थित अपने घर जा रहे थे। वह एटीएम की लाइन में लगने के लिए बैंडल स्टेशन के नजदीक रुके। यहां वह ट्रेन बदलने के लिए रुके थे। उस वक्त उनका एक दोस्त भी साथ था। सुबह सात बजे के करीब वह लाइन में लगे। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। वह अपनी छाती पकड़े-पकड़े जमीन पर लेट गए। उनके दोस्त ने वहां मौजूद लोगों से मदद मांगी। कुछ दुकानदार मदद के लिए आगे तो आए लेकिन किसी ने डॉक्टर बुलाने या उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कोशिश नहीं की। सुबह साढ़े सात बजे के करीब किसी ने एम्बुलेंस की व्यवस्था की और चौधरी को अस्पताल पहुंचाया। वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। कलोल के दोस्त ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने मदद सिर्फ इसलिए नहीं की क्योंकि वे एटीएम की लाइन में अपनी जगह नहीं छोड़ना चाहते थे।