नाेटबंदी: 31 दिसंबर के बाद पुराने नाेट आरबीआई में हाेगा जमा, बताना हाेगा कारण

31 दिसंबर के बाद से बैंकों में भी 500 ओर 1000 के पुराने नोट जमा नहीं हाेगे। आरबीआई ने नोटबंदी के बाद सरकार की ओर से सभी बैंकों को हिदायत दी है कि आज से पुराने नोट बैंकों की ब्रांचों में न रखे जाएं।

नाेटबंदी: 31 दिसंबर के बाद पुराने नाेट आरबीआई में हाेगा जमा, बताना हाेगा कारण

31 दिसंबर के बाद से बैंकों में भी 500 ओर 1000 के पुराने नोट जमा नहीं हाेगे। आरबीआई ने नोटबंदी के बाद सरकार की ओर से सभी बैंकों को हिदायत दी है कि आज से पुराने नोट बैंकों की ब्रांचों में न रखे जाएं। बैंकों से कहा गया है कि या तो वे उनके यहां जमा पुराना कैश अपनी-अपनी करंसी चेस्टों में रखें या फिर आरबीआई में जमा करा दें। इस बीच बीते शुक्रवार को नोटबंदी के बाद 500 और एक हजार के नोट जमा कराने के अंतिम दिन बैंकों और आरबीआई में लोग नोट जमा कराने पहुंचे। हालांकि बैंकों में पुराने नोट जमा कराने वालों लोगों की संख्या बहुत ज्यादा नहीं थी।

अगर किसी के पास 500 और 1000 के पुराने नोट हैं और वे किन्हीं कारणों के चलते तय अवधि में बैंकों में नोट जमा नहीं करा पाएं हैं तो वे सेक्टर-17 स्थित रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के बैंक हाॅल में यह नोट जमा करा सकते हैं। लेकिन आपको देरी से नोट जमा कराने की वजह और नोटों का पूरा ब्यौरा देना होगा। बैंकों में पुराने नोटों का लेनदेन बंद होने के बाद शनिवार से बैंकों में नई करंसी में ही सभी ट्रांजेक्शन होंगी। इससे नई करंसी का सर्कुलेशन बढ़ेगा। लोग भी नए नोट ही जमा करा सकेंगे। ऐसे में बैंकों के पास पैसा आएगा। अधिकारियों का दावा है कि यह पैसा बैंकों के पास आने के बाद नई करंसी का सर्कुलेशन बढ़ेगा। इससे बैंकों में कैश क्रंच भी कम होगी।

नोटबंदी के 52 दिन बीतने के बाद भी देश के 50 फीसदी एटीएम बंद हैं। शुक्रवार को जो 50 फीसदी एटीएम चल रहे थे, उनमें ज्यादातर में 2000 के नोट थे। 500 के नोट सभी एटीएम में नहीं मिले। नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालात सामान्य करने के लिए देश की जनता से 50 दिन का समय मांगा था। यह भी कहा था कि अगर 50 दिन में हालात सामान्य न हों तो देश की जनता उन्हें जो भी सजा देगी उन्हें मान्य होगी। जहां पर दिल्ली आैर चंड़ीगढ़ जैसे बड़े शहराें में  एटीएम में कैश नहीं है तो छोटे शहरों की क्या हालत होगी अंदाजा लगाया जा सकता है। अब सभी लोगों की निगाह शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के नाम संदेश पर टिकी है।