त्रिपुराः चर्चा की मांग न मानने पर 'मेस' लेकर भागे टीएमसी विधायक

त्रिपुरा विधानसभा में सोमवार को टीएमसी के विधायक सुदीप राय बर्मन स्‍पीकर का 'मेस' लेकर सदन से भाग गए। सदन में वन मंत्री नरेश जमातिया से जुड़े आरोपों पर हंगामे के बीच बर्मन मेस ले गए।

त्रिपुराः चर्चा की मांग न मानने पर

त्रिपुरा विधानसभा में सोमवार को टीएमसी के विधायक सुदीप राय बर्मन स्‍पीकर का 'मेस' लेकर सदन से भाग गए। सदन में वन मंत्री नरेश जमातिया से जुड़े आरोपों पर हंगामे के बीच बर्मन मेस ले गए। वहां मौजूद विधायकों ने बर्मन को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वे नाकाम रहे। शून्यकाल के दौरान टीएमसी विधायक, विपक्ष के पूर्व नेता सुदीप राय बर्मन ने एक बांग्ला अखबार में प्रकाशित मुद्दे को उठाया। इस पर जमातिया खड़े हो गए और अखबार में प्रकाशित आरोप निराधार बताया। जमातिया ने कहा कि ये उनकी छवि खराब करने की साजिश है। मंत्री ने कहा कि उन्होंने अखबार के खिलाफ अदालत में मानहानि का मामला दर्ज कराया है। इसके बाद विपक्ष के विधायक नारेबाजी करने लगे और मुख्‍यमंत्री माणिक सरकार से बयान की मांग करने लगे।

इस दौरान विपक्षी सदस्य सदन के बीचोबीच आ गए और नारे लगाने लगे। मामले पर अध्यक्ष रमेंद्र देवनाथ से चर्चा कराने की अनुमति देने की मांग की। इसी दौरान बर्मन अध्यक्ष का मेस निकाल कर सदन से बाहर निकल गए। हालांकि, उन्होंने लॉबी में वाच एंड वार्ड कर्मचारियों को यह सौंप दिया। इसके बाद सदन के अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष ने मेस ले जाने की निंदा की। अध्यक्ष ने मीडिया से कहा कि ‘बर्मन ने पहले बिना कोई नोटिस दिए शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाया। इसके बाद विपक्षी दल के नेता सदन के वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। तभी अचानक बर्मन ने मेस को उठाया और सदन के बाहर भाग गए। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था।’

सदन की कार्यवाही जब दोबारा शुरू हुई तो स्पीकर ने इसकी आलोचना करते हुए इसे ‘संसदीय परंपराओं, व्यवहार और प्रक्रिया के खिलाफ’ बताया। जमातिया ने अपने उपर लगे आरोपों का खंडन करते हुए सदन में कहा कि वे अखबार के खिलाफ स्थानीय कोर्ट में पहले ही मामला दर्ज करा चुके हैं। ज्ञात हो कि विधानसभा में मेस लेकर जाने की अब तक तीन घटनाएं हो चुकी हैं।