अखिलेश को शिवपाल से लगने लगा है डर, बुंदेलखंड से लड़ सकते हैं चुनाव- नारदा स्पेशल

अखिलेश यादव को अपने चाचा शिवपाल से ही खतरा महसूस होने लगा है। लिहाजा वो बुंदेलखंड से विधानसभा चुनाव लड़ने पर विचार कर रहे हैं।

अखिलेश को शिवपाल से लगने लगा है डर, बुंदेलखंड से लड़ सकते हैं चुनाव- नारदा स्पेशल

चाचा शिवपाल लगातार भतीजे अखिलेश पर भारी पड़ रहे है। अखिलेश की लाख कोशिशों के बावजूद शिवपाल अपने प्लान में कामयाब होते जा रहे है। टिकट बंटवारे में भी अखिलेश की नहीं चली। सपा सुप्रीमों ने अखिलेश की सलाह मानने से ज्यादा शिवपाल की मशविरे को तवज्जों देना मुनासिब समझा। अखिलेश आगामी विधानसभा चुनाव कहां से लड़ेगे ये उन्हें ही तय करना है। खबर है कि सीएम अखिलेश यादव को चाचा शिवपाल से खतरा महसूस होने लगा है। लिहाजा वो अपने गृह जनपद इटावा और उसके आसपास के जिलों कि बजाय  बुंदेलखंड से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं।

शिवपाल लॉबी के हावी होने का डर

सूत्रों के मुताबिक समाजवादी पार्टी के परिवार में चल रही भीतरी लड़ाई अब आगे बढ़ गयी है. बताया जाता है कि इटावा और अन्य जिलों से अगर सीएम अखिलेश यादव चुनाव लड़े तो उनके चाचा शिवपाल के समर्थक उनको चुनाव हरा देंगे. जिसके चलते अपने गृह जनपद इटावा और उसके आसपास के जिलों कि बजाय सीएम अखिलेश बुंदेलखंड से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं।

बुंदेलखंड में नई फसल तैयार करना चाहते है अखिलेश

सूत्रों के मुताबिक सीएम अखिलेश अपनी नई सियासती जमीन बुंदेलखंड में तलाशने के लिए ही महोबा में जनसभा को संबोधित करने के लिए गए थे. यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने जितना काम किया है, उतना काम यूपी में पहले कभी नहीं हुआ. सीएम अखिलेश ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा ‘बीजेपी वाले बातों से बिजली बनाते हैं.’

बुंदेलखंड के विकास का वादा

सीएम ने  बुंदेलखंड में विकास का दावा किया और कहा है कि सपा सरकार में बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है। अगर समाजवादियों की सरकार बनी तो गांवों को भी 24 घंटे बिजली दी जाएगी. बता दें, खबर है कि इस बार यूपी 2017 विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव बुंदेलखंड की 2 सीट बबीना और महोबा से चुनाव लड़ सकते हैं. यह पहली बार होगा जब यादव फैमिली का कोई मेंबर अपने गढ़ से बाहर चुनाव लड़ेगा।

सपा सुप्रीमो ने भी अखिलेश किस विधानसभा से चुनाव लड़ेगे इसका खुलासा नहीं किया है मतलब अखिलेश अभी विचार कर रहे है। जब वो हरी झंडी देंगे तो उनकी सीट की तस्वीर साफ हो पाएगी।