डिजिटल भुगतान से पेट्रोल, डीज़ल पर बचेंगे पैसे, जीवन बीमा पर भी मिलेगी छूट

मोदी सरकार ने 30 दिन पहले 500-1000 रूपए के नोट बंद कर दिए थे। नोटबंद करने का सरकार का असली मकसद कैश ट्रांजेक्शन को कम करके डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ाने की कोशिश करना है...

डिजिटल भुगतान से पेट्रोल, डीज़ल पर बचेंगे पैसे, जीवन बीमा पर भी मिलेगी छूट

मोदी सरकार ने 30 दिन पहले 500, 1000 रूपए के नोट बंद कर दिए थे। नोटबंदी को 30 दिन पूरे होने के मौके पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने सरकार के असली मकसद को अंजाम देने के लिए दरासल नोटबंदी का असली मकसद कैश ट्रांजेक्शन को कम करके डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ाने की कोशिश करना है और कहीं हद तक इसमें कामयाबी भी मिली है। अगर पेट्रोल और डीजल की बात करें तो पेट्रोल पंपों पर अभी भी 40 प्रतिशत लेनदेन हो गया है। हर रोज़ लोग पेट्रोल डीजल खरीदतें हैं। जिससे डिजिटल भूगतान 40 प्रतिशत बढ़ा है।

बता दें कि अगर आप क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड या किसी भी डिजिटल तरीके से पेट्रोल-डीजल खरीदते हैं या रेलवे टिकट का भूगतान करते हैं तो आपको इस पर छूट दी जाएगी। सरकार ने अब 2,000 रुपये के लेनदेन का भुगतान कार्ड के जरिये करने पर सेवाकर खत्म कर दिया है। इसी तरह पेट्रोल, डीजल खरीदने पर भुगतान अगर क्रेडिट, डेबिट कार्ड, ई-वॉलेट और मोबाइल वॉलेट से किया जाता है तो 0.75 प्रतिशत की छूट मिलेगी। सार्वजनिक कंपनियों की वेबसाइट के जरिये जीवन बीमा पॉलिसी खरीदने या प्रीमियम भुगतान ऑनलाइन करने पर 8 प्रतिशत छूट दी जायेगी।

वहीं वित्त मंत्री जेटली ने डिजिटल तरीके से भुगतान को बढ़ावा देने के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि उपनगरीय रेलवे यात्रा सीजन टिकट खरीदने पर एक जनवरी से 0.5 प्रतिशत रियायत दी जायेगी। रेल यात्रा का टिकट ऑनलाइन खरीदने पर 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा दिया जाएगा। जो लोग रेलवे कैटरिंग, ठहरने के स्थान, विश्रामगृह के लिये भुगतान डिजिटल तरीकों के जरिये करेंगे उन्हें उसमें 5 प्रतिशत छूट मिलेगी।


गौरतलब है कि सरकारी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों के साथ सार्वजनिक लेनदेन में डिजिटल तरीकों से भुगतान करने पर लेनदेन शुल्क और एमडीआर शुल्क नहीं लिया जायेगा। इस तरह की रियायतों पर आने वाली लागत के सवाल पर जेटली ने कहा कि ‘‘इनमें से ज्यादातर रियायतों का बोझ वही संगठन उठायेंगे, क्योंकि ज्यादातर रियायतों की पेशकश केन्द्र सरकार की संस्थाओं अथवा सार्वजनिक उपक्रमों ने की है।


साथ ही जेटली का कहना है कि कहा कि इस समय रोज 14 लाख रेल टिकटों की खरीद की जाती है। इनमें से 58 प्रतिशत आनलाइन खरीदे जाते हैं। छूट के बाद डिजिटल माध्यम से रेल टिकट खरीदने वालों का अनुपात 20 प्रतिशत और ऊंचा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इससे करीब 11 लाख यात्री प्रति दिन दुर्घटना बीमा योजना के संरक्षण में आएंगे।’ इसके अलावा रेलवे की कैटरिंग, ठहरने और विश्राम करने की भुगतान आधारित सेवाओं के लिए डिजिटल भुगतान करने पर पांच प्रतिशत रियायत मिलेगी।