बिहार सरकार देगी न्यायिक सेवा में SC-ST ओबीसी और इबीसी को 50% आरक्षण

बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि बिहार सरकार न्यायिक सेवा में पिछड़ा, अति पिछड़ा, अनुसूचित जाति और जनजाति को 50 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा...

बिहार सरकार देगी न्यायिक सेवा में SC-ST ओबीसी और इबीसी को 50% आरक्षण

बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि बिहार सरकार न्यायिक सेवा में पिछड़ा, अति पिछड़ा, अनुसूचित जाति और जनजाति को 50 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। राज्य कैबिनेट की हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। आरक्षण का यह प्रावधान बिहार उच्च न्यायिक सेवा (एडीजे) और बिहार असैनिक सेवा, न्याय (जूडिशियल मजिस्ट्रेट) में लागू होगा कैबिनेट के फैसले के मुताबिक अब बिहार न्यायिक  सेवा और उच्च न्यायिक सेवा में अति पिछड़ा को 21 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को  16 प्रतिशत,  पिछड़ा वर्ग को 12 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति को एक प्रतिशत  आरक्षण का लाभ मिलेगा। यह  कुल आरक्षण का 50 प्रतिशत होगा।


बिहार सरकार ने आरक्षण में  महिलाओं को क्षैतिज रूप से  35 प्रतिशत और  शारीरिक रूप से अक्षम को एक प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।

महिलाओं को अनारक्षित (सामान्य) श्रेणी  की सीटों में भी 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।  महिलाओं को और एक प्रतिशत शारीरिक रूप से अक्षम को आरक्षण मिलेगा। बैठक के बाद प्रधान सचिव डॉ धर्मेंद्र सिंह गंगावर का कहना है कि पहले सिर्फ अधिनस्थ न्यायिक सेवा में आरक्षण का प्रावधान था।


बता दें कि इसमें एससी कोटे को 16 प्रतिशत, एसटी कोटे को एक प्रतिशत और अति पिछड़ा को 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान था। अब राज्य सरकार ने बिहार उच्च न्यायिक सेवा यानी अपर जिला और सत्र न्यायाधीश की नियुक्ति में भी आरक्षण देने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि नये प्रावधान के अनुसार अब दोनों सेवाओं में आरक्षण की नीति प्रभावी होगी।


गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने दयानंद सिंह बनाम केंद्र सरकार की याचिका में पटना हाइकोर्ट से कहा था कि वह बिहार न्यायिक सेवा में आरक्षण के मसले पर तीन जनवरी तक सरकार को अपनी सलाह दें।  इसके बाद सरकार अपने स्तर पर कोई निर्णय ले सकती है। सुप्रीम कोर्ट की सलाह पर 22 दिसंबर को पटना हाइकोर्ट की फुल कोर्ट मीटिंग हुई। फुल कोर्ट ने कुछ शर्तों पर सरकार को आरक्षण का प्रावधान करने की अनुमति दी। शर्तों में कहा गया कि आरक्षण की व्यवस्था  के बावजूद  बहाली में गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होगा। साथ ही उम्रसीमा में भी अलग से छूट नहीं दी जायेगी।