बिहार में नई टैरिफ आने की तैयारी, फरवरी में बढ़ेगी बिजली दरें

बिहार में ज्यादातर लोगों को बिजली कि शिकायत होती है लेकिन अब बिहार में बिजली की दरों में इज़ाफा हो सकता है। इसके लिए बिजली कंपनियां दरे बढ़ाने की कोशिशों में जुट गयी हैं...

बिहार में नई टैरिफ आने की तैयारी, फरवरी में बढ़ेगी बिजली दरें

बिहार में ज्यादातर लोगों को बिजली कि शिकायत होती है लेकिन अब बिहार में बिजली की दरों में इज़ाफा हो सकता है। इसके लिए बिजली कंपनियां दरे बढ़ाने की कोशिशों में जुट गयी हैं। बिहार सरकार का कहना है कि चालू वित्त साल के लिए आखिरी वक्त में एक बार फिर बिजली की दरें बढ़ सकती हैं। बिजली टैरिफ पर बिहार विद्युत विनियामक आयोग फरवरी में अपना निर्णय सुना सकता है। चालू वित्तीय वर्ष 2016 में बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गयी थी। आयोग के इस फैसले के खिलाफ बिजली कंपनियां एपटेल में चली गयी। सूत्रों के मुताबिक एपटेल  के निर्देश के बाद फरवरी महीने में नियामक आयोग अपना फैसला सुना सकता है। नियामक आयोग का फैसला बिजली कंपनियों के पक्ष में गया तो चालू वित्त वर्ष के आखिरी महीने में बिजली महंगी हो सकती है।


बता दें कि एक अप्रैल से राज्य में बिजली की दरें नहीं बढ़ी है। गौरतलब है कि अपीलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी (अपटेल) ने आयोग के निर्णय को निरस्त करते हुए आयोग के चार महिने के अंदर इस पर फैसला लेने को कहा था। कंपनी ने पुनर्विचार याचिका दायर की। 21 दिसंबर से आयोग ने इस पर सुनवाई शुरू की थी। आयोग ने कंपनी को 30 तक संबंधित कागजात जमा करने को कहा है। उसके बाद तीन हफ्ते तक जनवरी में सुनवाई होगी। उसके बाद मुख्यालय स्तर पर सुनवायी होगी। उम्मीद जतायी जा रही है कि फरवरी में आयोग इस पर फैसला सुना सकता है।


गौरतलब है कि अगले वित्तीय साल की बिजली दरों की घोषणा में देरी हो सकती है। अभी आयोग चालू वित्तीय वर्ष की याचिका पर ही सुनवायी कर रही है। इसके बाद अगले वित्तीय वर्ष की याचिका पर सुनवायी होगी। बिजली कंपनी  ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए 6 दिसंबर को टैरिफ प्रस्ताव आयोग को दिया है। अगर 1 अप्रैल से  टैरिफ नहीं आने से  बिजली कंपनियों की रैंकिंग पिछड़ सकती है। अभी नॉर्थ बिहार बिजली वितरण कंपनी 25वें और साउथ बिहार बिजली वितरण कंपनी 17 वें स्थान पर हैं। एक अप्रैल से बिजली का नया टैरिफ लागू होता है।  पिछले साल आयोग ने 21 मार्च को अपना फैसला सुना दिया था।