चिक्की घोटाला: महाराष्ट्र की मंत्री को ACB ने दी क्लीन चिट

महाराष्ट्र की वुमन एंड चाइल्ड वेलफेयर मिनिस्टर पंकजा मुंडे को 206 करोड़ रुपए के चिक्की घोटाले में एसीबी ने क्लीन चिट दे दी है...

चिक्की घोटाला: महाराष्ट्र की मंत्री को ACB ने दी क्लीन चिट

महाराष्ट्र की वुमन एंड चाइल्ड वेलफेयर मिनिस्टर पंकजा मुंडे को 206 करोड़ रुपए के चिक्की घोटाले में एसीबी ने क्लीन चिट दे दी है। काफी वक्त से विवादों में रही पंकजा के लिए इसे एक बड़ी राहत माना जा रहा है।


 सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सरकार को इस मामले की क्लोजर रिपोर्ट भेज दी है। एसीबी के एक ऑफिशियल ने बुधवार को कहा, 'पंकजा के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं मिला।' गौरतलब है राज्य कांग्रेस के स्पोक्सपर्सन सचिन सावंत ने पिछले साल पंकजा के खिलाफ एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी और जांच की मांग की थी।


क्या है चिक्की घोटाला?

- पंकजा पर आदिवासी बच्चों के स्कूल के लिए चिक्की, कालीन, बर्तन, किताबें, नोटबुक्स, वॉटर फिल्टर और अन्य सामानों की खरीदी का करीब 206 करोड़ रुपए का ठेका नियमों को नजरअंदाज कर जारी करने का आरोप था।

- इस स्कूल को राज्य सरकार की तरफ से ही ऑपरेट किया जाता है।


 कांग्रेस का आरोप



 कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि पंकजा मुंडे के डिपार्टमेंट ने कुछ खास ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए एक ही दिन 13 फरवरी को 24 सरकारी आदेश जारी कर दिए। महाराष्ट्र सरकार के नियमों के मुताबिक 3 लाख रुपए से अधिक कीमत के हर सामान की खरीदी सिर्फ ई-टेंडर के जरिए होनी चाहिए। लेकिन नवी मुंबई की जगतगुरु कंपनी, नासिक की एवरेस्ट कंपनी, सिंधु दुर्ग जिले की सूर्यकांता सहकारी महिला संस्था, साई हाईटेक और नीतिराज इंजीनियर्स को करोड़ों का काम बिना ई-टेंडर के दिए जाने की बात सामने आई थी, पर उसकी खरीद में गड़बड़ी पाई गई। पंकजा मुंडे के ऊपर ये भी आरोप था कि उन्होंने अपनी पसंद की कंपनियों से बच्चों के खाने का सामान खरीदा। जो खरीदारी हुई उसका कोई टेंडर भी नहीं भरा गया था।