CJI ठाकुर वकीलाें पर झल्लाए, कहा क्या काेर्ट मछली बजार है?

500 आैर 1000 के नाेटाें पर बैन के खिलाफ आई कुछ याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस टीएम ठाकुर को गुस्सा आ गया, कहा क्या काेर्ट मछली बजार है।

CJI ठाकुर वकीलाें पर झल्लाए, कहा क्या काेर्ट मछली बजार है?

500 आैर 1000 के नाेटाें पर बैन के खिलाफ आई कुछ याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस टीएम ठाकुर को गुस्सा आ गया। बीते शुक्रवार (9 दिसंबर) को टीएस ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वकील कभी भी कोर्ट की गरिमा का पालन नहीं करते। उन्होंने कहा, ‘क्या यह मछली बजार है? मैं अपने साथ किस तरह की यादें लेकर जाउंगा? यहां मौजूद वकीलों को यह नहीं पता कि कैसे बर्ताव करना चाहिए। सभी एक दूसरे को चुप कराने में लगे रहते हैं। सुप्रीम कोर्ट में मेरा एक और हफ्ता रह गया है। मैं यहां से कैसी यादें लेकर जाऊंगा? मैं काफी भारी मन से यहां से जाउंगा।’ आगे टीएस ठाकुर ने कांग्रेस नेता और सीनियर वकील पी चिदंबरम का नाम लेते हुए कहा, ‘मिस्टर चिदंबरम को देखिए। क्या आपने कभी भी उन्हें किसी की बात काटकर अपनी बात कहने के लिए बहस करते देखा है? नहीं, क्या आप यह समझते हैं कि वह उन वकीलों से कम जानते हैं जो हमेशा चिल्लाते रहते हैं?’

आपकाे बता दें कि चीफ जस्टिस टीएम ठाकुर का कार्यकाल जनवरी में पूरा होने वाला है। जस्टिस जेएस केहर भारत के अगले चीफ जस्टिस होंगे। जस्टिस केहर 4 जनवरी 2017 को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की शपथ लेंगे। उन्हें वह शपथ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी दिलवाएंगे। जस्टिस केहर भारत के 44वें चीफ जस्टिस होंगे। उनका कार्यकाल 4 जनवरी 2017 से 4 अगस्त 2017 तक रहेगा। भारत के चीफ जस्टिस बनने वाले वह पहले सिख होंगे। गौरतलब है कि चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर जस्टिस केहर को अगला चीफ जस्टिस बनाने की वकालत की थी।

बीते दिनाें में भी जस्टिस टीएस ठाकुर ने अक्टूबर में भी ऐसे ही वकीलों को धमकाया था। उन्‍होंने वकीलों से कहा कि चुप हो जाओ या फिर बाहर निकाल दिए जाओगे। चीफ जस्टिस ठाकुर ने क‍हा था, ‘चुप हो जाओ। आप लोग चिल्‍ला क्‍यों रहे हैं? यह कोर्ट है या मछली मार्केट? मैंने कहा चुप हो जाओ। मैं आप लोगों को बाहर निकलवा दूंगा। कोर्ट की गरिमा होनी चाहिए। जो लोग कोर्ट रूम में अपने आप को संभाल नहीं पाते वे सीनियर वकील बनना चाहते हैं।” चीफ जस्टिस ने कुछ वकीलों से कहा कि अगर उन्‍होंने ढंग से आचरण नहीं किया तो उन्‍हें बाहर निकाल दिया जाएगा। साथ ही एक वकील से कहा कि दोबारा ऐसा नहीं होना चाहिए।