रेप का शिकार होने से पहले बेटियों ने पिता-भाई से मांंगी मौत की भीख

अलेप्पो में सरकार समर्थित सेना और विद्रोहियों के प्रताड़ना से घबराए लोग, बेटियों ने पिता और भाई से की मौत की मांग ।

रेप का शिकार होने से पहले बेटियों ने पिता-भाई से मांंगी मौत की भीख

सीरिया के अलेप्पो में हालात बदतर होते जा रहे हैं। देश की सरकार ने विद्रोहियों से इस शहर को अपने कब्जे में ले लिया है। ऐसे में सरकार समर्थित सेना और विद्रोहियों के प्रताड़ना से लोग घबराए हुए हैं। यहां लड़कियां और महिलाएं रेप का शिकार होने से पहले अपने पिता और भाई से मौत मांग रही हैं। इसे लेकर सोशल मीडिया पर नजर आ रहे ट्वीट हालात बताने के लिए काफी हैं। हालांकि, इस बीच रेड क्रॉस की टीम यहां फंसे लोगों को निकालने में भी लगी है।

सीरिया के प्रमुख धार्मिक गुरु मुहम्मद अल-याकूबी ने ट्वीट के जरिए बताया कि उन्हें ईस्टर्न अलेप्पो में रह रहे लोगों के संदेश मिले हैं। लोग उनसे पूछ रहे हैं कि सेना और विद्रोहियों के अत्याचारों से बचाने के लिए क्या वो अपनी बेटी की जान ले सकते हैं। उनकी बेटियां सेना के जुल्मों का शिकार होने से पहले अपने पिता और भाई से मौत की भीख मांग रही हैं।

सीरिया छोड़ चुके एक धर्म गुरु ने ट्वीट के जरिए बताया कि अलेप्पो के एक और शख्स ने उनसे ऐसा ही सवाल पूछा। तो उन्होंने बताया कि वह शख्स सीरिया सरकार की सेना की प्रताड़ना को लेकर डरा हुआ था। बीवी और बहन सैनिकों की हवस का शिकार न बने, इसलिए वो उनकी जान लेना चाहता था।

अलेप्पो में फंसी एक नर्स ने सीरियन आर्मी को जानवर बताते हुए अपना सुसाइड नोट पोस्ट किया। नोट में लिखा कि मैं जल्द मर जाऊंगी, क्योंकि मैं नहीं चाहती असद सरकार के लोग मुझे रेप का शिकार बनाएं। सोशल मीडिया पर अलेप्पो की एक अन्य महिला का सुसाइड नोट भी शेयर किया गया है। नोट में लिखा है, ''मैं अलेप्पो की एक महिला हूं, जो जल्द ही रेप का शिकार हो सकती है। यहां न मर्द बचे हैं और न ही हथियार, जो हमें उन जानवरों से बचाने में मदद कर सकें, जिन्हें देश की सेना कहा जाता है। महिला ने आगे लिखा, ''मैं नहीं चाहती कि असद सरकार के लोग मेरा रेप करें, इसलिए मैं खुद अपनी जान दे रही हूं।

एक्टिविस्ट और मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक सेना के डर से एक ही दिन में 20 से ज्यादा महिलाएं अपनी जान दे चुकी हैं।