फिर याद आई बॉलीवुड की सदाबहार क्वीन 'स्मिता पाटिल'

हिन्दी सिनेमा में एक अलग पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस स्मिता पाटिल की आज 30 पुण्यतिथि है। सिर्फ 31 साल की उम्र में उनकी अचानक मौत आज भी रहस्यमयी है...

फिर याद आई बॉलीवुड की सदाबहार क्वीन

आज भी जब हिंदी सिनेमा के संवेदनशील कलाकारों का ज़िक्र होता है तो उनमें स्मिता पाटिल का नाम सबसे उपर रखा जाता ज़रूर शुमार होता है।  सिनेमा  के फलक  पर स्मिता एक ऐसा चेहरा है जिसने अपने सशक्त अभिनय से मनोरंजन सिनेमा के साथ-साथ व्यावसायिक सिनेमा में भी दर्शको के बीच अपनी खास पहचान बनायीं।



7 अक्टूबर 1955 को पुणे शहर में जन्मीं स्मिता ने अपनी स्कूल की पढ़ाई महाराष्ट्र में की। पिता शिवाजी राय पाटिल महाराष्ट्र सरकार में मिनिस्टर थे जबकि उनकी मां समाज सेविका थी। बॉलीवुड में दो दशक तक अपने अभिनय से दर्शकों के दिल पर राज करने वाली स्मीता ने अलग अलग किर्दारों से डायरेक्टर्स और अपने फैंस के बीच जगह बना चुकी थी।

जब स्मिता अपने करियर के बुलंदी पर थी तभी उनकी अचानक हुई मौत ने सबको चौका दिया था। महज 31 वर्ष की उम्र में 13 दिसंबर 1986 को इस दुनिया को अलविदा कहा।

तो ऐसे बनीं सबकी चहीती



स्मिता जब सिर्फ 16 साल की थीं तभी न्यूज रीडर की नौकरी करने लगी थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात जाने माने निर्माता निर्देशक श्याम बेनेगल से हुई और बेनेगल ने स्मिता की प्रतिभा को पहचान कर अपनी फ़िल्म 'चरण दास चोर' में एक छोटी सी भूमिका निभाने का अवसर दिया। आपको बता दें, ख़बर पढने के लिए स्मिता दूरदर्शन में जींस पहन कर जाया करती थीं लेकिन जब उन्हें न्यूज पढ़ना होता तो वो जींस के ऊपर से ही साड़ी लपेट लेतीं। महज दस साल के अपने करियर में स्मिता ने वो मुकाम बना लिया है कि जब तक सिनेमा पर बात होगी उनका जिक्र ज़रूर आएगा।

अस्सी के दशक में स्मिता ने व्यावसायिक सिनेमा की ओर भी अपना रूख कर लिया। इस दौरान उन्हें सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के साथ 'नमक हलाल' और 'शक्ति' में काम करने का अवसर मिला जिसकी सफलता के बाद स्मिता पाटिल को व्यावसायिक सिनेमा में भी स्थापित कर दिया। 1985 में स्मिता पाटिल की फ़िल्म 'मिर्च मसाला' प्रदर्शित हुई। इसी साल भारतीय सिनेमा में उनके अमूल्य योगदान को देखते हुये स्मिता पदमश्री से सम्मानित की गयी। स्मिता पाटिल की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उनकी बढ़ती शोहरत के साथ-साथ विवादों में भी उनका नाम दूर तक फैला था। स्मिता पाटिल पर घर तोड़ने का भी आरोप लगाया जाता रहा है।

मीडिया के आलोचना की शिकार भी हुई थी स्मिता



गौरतलब है कि जब राज बब्बर के साथ उनकी नजदीकियां कुछ ज्यादा बढ़ गई थीं तब मीडिया ने उनकी आलोचना करना शुरू कर दिया था। क्योंकि राज की शादी नादिरा से हो चुकी थी और वो स्मिता के साथ एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर चला रहे थे। ऐसे में लोगों को नादिरा से सहानुभूति हो गई थी और स्मिता को काफी भला-बुरा कहा जा रहा था।

ऐसी स्थितियों का सामना करने के बाद स्मिता पाटिल का विवाह राज बब्बर के साथ सम्पन्न हुआ था, राज बब्बर के दो बेटे हैं। उनकी पहली पत्नी नादिरा से आर्य बब्बर और स्मिता से प्रतीक बब्बर।

लगभग दो दशक तक अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों के बीच पहचान बनाने वाली यह अभिनेत्री महज 31 वर्ष की उम्र में 13 दिसंबर, 1986 को इस दुनिया को अलविदा कह गई। स्मिता पाटिल की एक आखिरी इच्छा थी। उनके मेक अप आर्टिस्ट दीपक सावंत के मुताबिक, "स्मिता कहा करती थीं कि दीपक जब मैं मर जाउंगी तो मुझे सुहागन की तरह तैयार करना।" मरने के बाद उनकी अंतिम इच्छा के मुताबिक़, स्मिता के शव का सुहागन की तरह मेकअप किया गया। उनकी मौत के बाद 1988 में उनकी फ़िल्म 'वारिस' प्रदर्शित हुई, जो उनके सिने कैरियर की महत्त्वपूर्ण फ़िल्मों में से एक है।