चुनाव आयोग की सरकार से सिफारिश: राजनीतिक दल CA से अपने अकाउंट ऑडिट कराएं

चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार से सिफारिश की है सभी राजनीतिक पार्टियां सीए (चार्ट्ड एकाउंट) से अपने अकाउंट का ऑडिट कराएं। उसके बाद ऑडिट का ब्यौरा चुनाव आयोग को सौंपा जाए।

चुनाव आयोग की सरकार से सिफारिश: राजनीतिक दल CA से अपने अकाउंट ऑडिट कराएं

केंद्र सरकार से चुनाव आयोग ने सिफारिश की है कि सभी राजनीतिक दल अपने एकाउंट का ब्यौरा रखें। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक चुनाव आयोग ने सिफारिश की है कि सभी राजनीतिक पार्टियां सीए (चार्ट्ड अकाउंट) से अपने एकाउंट का ऑडिट कराएं। उसके बाद ऑडिट का ब्यौरा चुनाव आयोग को सौंपा जाए।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक चुनाव आयोग ने चुनाव लड़ने के कानून में भी बदलाव की मांग की है। गलत एफिडेविट देने पर प्रत्याशी को अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही आयोग ने सिफारिश की है कि एक उम्मीदवार एक ही क्षेत्र से चुनाव लड़ें और एक प्रत्याशी का चुनाव खर्च 70 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही आयोग चाहता है कि चुनाव प्रक्रिया के रिश्वत केस में दो साल की सजा हो।

बता दें कि भारत में 1780 से अधिक गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत दल हैं। इसके अलावा देश में सात राष्ट्रीय दल- बीजेपी, कांग्रेस, बीएसपी, टीएमसी, भाकपा, माकपा और राकांपा हैं। चुनाव में कालेधन का प्रवाह रोकने के लिए आयोग ने कई चुनावी सुधारों का प्रस्ताव दिया है लेकिन इनमें से अधिकतर प्रस्ताव सरकार के सामने लंबित पड़े हैं।