हजारों लोगों को बचाने के लिए सीरिया के पूर्वी अलप्पो में रूका संघर्ष

सीरिया में हो रहे अभियान को वहां कि सेना ने रोक लिया है। अभियान रूकने से कम से कम 8 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला जा सकता है...

हजारों लोगों को बचाने के लिए सीरिया के पूर्वी अलप्पो में रूका संघर्ष

सीरिया में हो रहे अभियान को वहां कि सेना ने रोक लिया है। जिससे वहां के युद्ध क्षेत्र में फंसे हजारों लोगों को सुरक्षित बचाकर बाहर निकाला जा सके। रूस के राष्ट्रपति ने इसकी जानकारी देत हुए कहा कि अभियान रूकने से कम से कम 8 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला जा सकता है। सीरिया के पूर्वी अलप्पो में वहां कि सरकारी सेनाओं ने कुछ हफ्तों से अपना कब्जा किया हुआ है। एक साल से ये इलाके विद्रोहियों के कब्ज़े में थे।

बता दें कि अमरीका ने सीरिया की सेना के संघर्ष रोकने के फैसले का स्वागत किया है पर कहा है कि अभी वो इंतज़ार करेंगे और देखेंगे कि ज़मीन पर क्या होता है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जोश अर्नेस्ट का कहना था कि हमारा रुख यही है कि उन बातों को ध्यान से सुनें जो रूस कह रहा है और साथ ही उनकी कार्रवाई पर नज़र भी रखें।

वहीं जर्मनी में चल रहे यूरोपीय विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान लैवरोफ ने कहा कि मैं आप से ये कह सकता हूं कि सीरिया की सेना ने पूर्वी एलप्पो में अपनी लड़ाई रोकी है क्योंकि वहां लोगों की जान बचाने का एक बड़ा अभियान वहां चल रहा है। उन्होंने ये भी बताया कि रूस और अमरीका के सैन्य विशेषज्ञ जेनेवा में बैठ कर उन तरीकों पर बात करेंगे जिससे एलप्पो में हिंसा को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

गौरतलब है कि अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बात को साफ किया है कि लैवरोफ और अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी के बीच बातचीत हुई है और दोनों युद्धविराम पर चर्चा करने को सहमत हुए हैं ताकि वहां फंसे लोगों को राहत सामग्री पहुंचाई जा सके और आम नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। उधर अमरीका सेना की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो साल में इराक़ और सीरिया में अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन की सैन्य कार्रवाईयों में इस्लामिक स्टेट के पचास हज़ार से ज्यादा लड़ाके मारे गए हैं। उनका कहना था कि ये आकड़ा दर्शाता है कि विमानों के ज़रिए मार करने और कम से कम अमरीकी सैनिकों को ज़मीन पर उतारने की रणनीति इस्लामिक स्टेट के खिलाफ कारगर रही है।