परीक्षा के डर से तीन नाबालिग बहनों ने एक साथ खाया जहर, एक की मौत

गणित की परीक्षा में फेल होने के डर से तीन बहनों एक साथ जहर खा लिया जिससे एक की मौत हो गई। जबकि अन्य दो का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

परीक्षा के डर से तीन नाबालिग बहनों ने एक साथ खाया जहर, एक की मौत

अमितेश कुमार ओझा

परीक्षा में बेहतर परिणाम हासिल करने का दबाव बच्चों पर किस तरह हावी हो रहा है, इसकी बेहद डरावनी बानगी शनिवार को पश्चिम बंगाल में देखने को मिली। जब परीक्षा खराब होने के डर से एक ही परिवार की तीन चचेरी बहनों ने जहर खा लिया। इनमें एक की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से बीमार पड़ गई।

ये घटना राज्य के पूर्व मेदिनीपुर जिले के महिषादल की है। जानकारी के मुताबिक महिषादल थाना क्षेत्र के हीरारामपुर गांव की रहने वाली कश्मीरा खातून, रूबीना खातून और तंजील खातून एक ही उम्र और परिवार की है। आपस में चचेरी बहनें इन तीनों लड़कियों की उम्र 13 साल के आस –पास है। वे तीनों स्थानीय तेतुलबेड़िया हाई स्कूल की कक्षा छठी की छात्रा हैं। घटनाक्रम के मुताबिक हाल में इन तीनों बहनों की दो परीक्षाएं हुई, जो अच्छी नहीं गई। बताया जाता है कि इस पर परिवार के सदस्यों ने इन लड़कियों को काफी डांट – फटकार लगाई थी। शनिवार को इनकी अंकगणित की परीक्षा थी। शायद परीक्षा खराब होने का डर इनमें अंदर तक समा चुका था। इन्हें इस बात का भी मुगालता था कि यह परीक्षा खराब होने पर परिवार के लोग इन्हें और ज्यादा डांटेंगे। इससे तीनों ने एक खतरनाक फैसला कर लिया। शनिवार की सुबह परीक्षा से पहले ये तीनों स्थानीय रजनीगंज बाजार गई और यह कह कर जहर खरीदा कि इसे बैगन की खेत में डालना है। मुख्य रूप से किसान परिवार की लड़कियां होने से दुकानदार ने इनकी बात पर विश्वास कर लिया और इन्हें जहर दे दिया। जहर लेकर तीनों पास के एक खेत में गई और जहर खा लिया। इसके बाद लड़खड़ाते हुए घर लौटी। घर आते ही इनकी तबीयत बिगड़ने लगी। पूछने पर इन लोगों ने जहर खाने की बात कही। इससे घर में कोहराम मच गया। आनन – फानन तीनों को हल्दिया महकमा अस्पताल ले जाया गया, जहां कश्मीरा खातून की मौत हो गई। जबकि रूबीना और तंजील गंभीर रूप से बीमार पड़ गई। घटना से गांव में कोहराम मच गया। महिषादल थाने के प्रभारी अजीत झा ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। वाकये से इलाके में शोक व्याप्त है।