गुजरात: BJP MLA के ब्लड बैंक से HIV शिकार हुए 36 बच्चे

गुजरात में BJP MLA के ब्लड बैंक से HIV शिकार हुए थे 36 बच्चे, 6 की हो चुकी है मौत; पिता बोले- रोज उन्हें मरते देख रहे हैं...

गुजरात: BJP MLA के ब्लड बैंक से HIV शिकार हुए 36 बच्चे

रमेश 17 साल का है पर टीनएजर जैसा नजर नहीं आता। चेहरा मुरझा सा-गया है। करने के लिए कोई काम नहीं है। बिस्तर पर बैठे-बैठे सिर्फ टीवी देखा करता है। कोई खुशी, कोई उम्मीद नहीं। कहता है- मैं जीना चाहता हूं, पर जी सकूंगा ऐसा लगता नहीं। खाने से ज्यादा रोज दवाइयां लेनी पड़ती हैं, फिर भी यह डर सताता रहता है कि आज नहीं तो कल मौत हो जाएगी। वो कहता है, "ये जीवन तो मौत से भी बदतर हो गया है।" दरअसल, थेलेसीमिया के इलाज के दौरान 36 बच्चों को एचआईवी ग्रस्त खून चढ़ा दिया गया था। इस घटना को पांच साल हो गए हैं। पिछले 5 साल में हो चुकी है 6 बच्चों की मौत, 30 बच्चे जिंदा मर रहे हैं।
इस पीड़ा से गुजर रहा रमेश अकेला नहीं है। एक लापरवाही ने सितंबर 2011 में उसके जैसे 36 बच्चों की जिंदगी को इस हाल में पहुंचा दिया।
जूनागढ़ के सर्वोदय ब्लड बैंक में यह लापरवाही हुई थी। इस ब्लड बैंक को बीजेपी के एमएलए महेंद्र मशरू चलाते हैं। इन 36 बच्चों में से पिछले 5 साल में 6 बच्चों की मौत हो चुकी है।
बच्चों का जीवन बचाने के लिए चढ़ाया गया खून ही अब इनके लिए मौत बन रहा है। हर सुबह मौत से संघर्ष करने के लिए गोलियां खाकर शुरुआत करने वाले ये बच्चे शाम तक निराश हो जाते हैं। कुछ बच्चे इस रोग के बारे में ज्यादा नहीं जानते, इसलिए कम निराश लगते हैं, लेकिन रोग की भयावहता जानने वाले माता-पिता की पीड़ा बयान करना मुश्किल है।
कुछ बच्चों के चेहरे बिगड़ गए हैं। वजन कम हो गया है। सर्दी-खांसी जैसी सामान्य बीमारी तक जल्दी ठीक नहीं होती। हर दिन कम से कम छह गोलियां बच्चों को रोज लेनी पड़ती हैं।
इससे अच्छा है भगवान उसे उठा ले
वहीं 13 साल के रवीन्द्र के पिता कहते हैं- जिन 6 बच्चों की मौत हो गई, उन्हें मुक्ति मिली। उनका परिवार भी इस दुख से छूटा। एचआईवी ग्रस्त होने के बाद कई बच्चों के पूरे परिवार बर्बाद हो गए।