भारत ने 15 साल बाद दूसरी बार जीती जूनियर वर्ल्ड कप ट्रॉफी

भारत ने जूनियर वर्ल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट में बेल्जियम को 2-1 से हराया, 15 साल बाद दूसरी बार जीती जूनियर वर्ल्ड कप ट्रॉफी ।

भारत ने 15 साल बाद दूसरी बार जीती जूनियर वर्ल्ड कप ट्रॉफी

भारतीय पुरुष जूनियर हॉकी टीम ने जूनियर वर्ल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट जीत लिया है। खेले गए फाइनल में भारत ने बेल्जियम को 2-1 से हराया। फर्स्ट हॉफ में ही भारत ने अपोजिट टीम पर 2-0 की बढ़त बना ली थी। भारत ने पहले हाफ के 8वें और 14वें मिनट में गोल किए। बेल्जियम ने आखिरी मिनट में गोल किया।

भारत ने इससे पहले 2001 में वर्ल्ड कप टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया था। खिताब जीतने के बाद कप्तान हरजीत सिंह ने कहा कि भारत ने दिखा दिया है कि उसकी हॉकी फिर ट्रैक पर आ गई है। इस दिन के लिए हम दो साल से मेहनत कर रहे थे।' गुरजंत सिंह ‘मैन ऑफ द फाइनल’ बने।

भारत की तरफ से पहला गोल गुरजंत सिंह ने किया। स्टेडियम में इस दौरान भारत माता की जय और इंडिया-इंडिया के नारे लगे। दूसरा गोल, सिमरनजीत सिंह ने 14वें मिनट में किया। बेल्जियम को 30वें मिनट में पेनॉल्टी कॉर्नर मिला था। इंडियन टीम के डिफेंस ने उसे नाकाम कर दिया।

इस मैच को देखने के लिए सीनियर टीम के प्लेयर भी पहुंचे। दूसरे हाफ के शुरू में दोनों ही टीमों ने डिफेंस पर ज्यादा फोकस किया। भारत के लिहाज से ये फायदे की स्ट्रैटजी रही, क्योंकि वह पहले हाफ में ही बढ़त में था। दूसरे हाफ के 18वें मिनट में भारतीय टीम को लीड बढ़ाने का मौका मिला। लेकिन ये पेनॉल्टी कॉर्नर गोल में कन्वर्ट नहीं किया जा सका। दूसरे हाफ के आखिरी मिनट में बेल्जियम को दो पेनॉल्टी कॉर्नर मिले।

भारतीय टीम शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4-2 से पेनल्टी शूटआउट में जीत दर्ज कर फाइनल में पहुंची थी।
भारत ने तीसरी बार टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई थी। जबकि बेल्जियम की टीम पहली बार फाइनल में पहुंची थी।

भारत 1997 में इंग्लैंड में पहली बार चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचा था, तब उसे फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से 2-3 से हार मिली थी। लेकिन 2001 में भारत ने होबार्ट में अर्जेंटीना को 6-1 से हराकर खिताब जीत लिया था। 2005 में हुए इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने तीसरे स्थान पर रहकर ब्रॉन्ज मेडल जीता था। भारत ने इससे पहले 2001 में वर्ल्ड कप टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया था।