यात्रियों की गिरावट से प्रीमियम ट्रेनों को झटका

भारतीय रेलवे की कमाई बढ़ाने के लिए राजधानी एक्सप्रेस और अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस को मिलाकर एक फ्लेक्सी फेयर शुरू किया गया था जो खास प्रभावशील...

भारतीय रेलवे की कमाई बढ़ाने के लिए राजधानी एक्सप्रेस और अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस को मिलाकर एक फ्लेक्सी फेयर शुरू किया गया था जो खास प्रभावशील साबित नहीं हुआ। हालांकि इससे भारतीय रेलवे की कमाई में हल्का सा इज़ाफा देखने को मिला। लेकिन इससे 2टियर एसी पैसंजर्स की संख्या भी घट गई है।

गौरतलब है कि रेल मंत्रालय ने राजधानी में फ्लेक्सी फेयर की शुरूआत शताब्दी और दूरंतो ट्रेनों में 9 सितम्बर से थी। एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि 9 सितम्बर से 19 नवंबर के बीच मुंबई-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की कमाई 2 करोड़ रुपये बढ़ी है। पिछले साल इसी सत्र में रेलवे को इस ट्रेन से सेम रूट पर 17.01 करोड़ रुपये का रेवन्यू मिला था। जबकि मुंबई सेंट्रल से हजरत निजामुद्दीन स्टेशन के बीच चलने वाली अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस की कमाई 2015 में 17.12 करोड़ रुपये थी। इस साल यह बढ़कर 17.91 करोड़ रुपये हुई है।

बता दें कि कमाई से जोड़कर देखा जाए तो 9 सितम्बर और 19 नवंबर के बीच के आंकड़े दर्शाते हैं कि इस दौरान 2 टियर एसी कैटेगरी में पैंसजर्स की संख्या बहुत कम हो गई है। इसी बीच 2015 में राजधानी एक्सप्रेस से 20,453 पैसंजर्स ने यात्रा की थी, जबकि इस साल यह संख्या घटकर 18,771 रह गई है। वहीं दूसरी तरफ अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस में 2015 में इस बीच 21,934 यात्रियों ने ही सफर किया है। इस साल इसमें 15.53 प्रतिशत की गिरावट आई है और संख्या 18,527 पर पहुंच गई है।