भारतीय रेल ने ट्रेनों में बढ़ाई RAC बर्थ की संख्‍या

भारतीय रेल ने ट्रेन में ज्यादा से ज्‍यादा यात्रियों को बर्थ मुहैया कराने के लिए ने नया कदम उठाया है। अब सभी ट्रेनों में रिजर्वेशन अगेंस्‍ट कैंसिलेशन (RAC) बर्थ की संख्‍या बढ़ाई जाएगी।

भारतीय रेल ने ट्रेनों में बढ़ाई RAC बर्थ की संख्‍या

भारतीय रेल ने ट्रेन में ज्यादा से ज्‍यादा यात्रियों को बर्थ मुहैया कराने के लिए  ने नया कदम उठाया है। अब सभी ट्रेनों में रिजर्वेशन अगेंस्‍ट कैंसिलेशन (RAC) बर्थ की संख्‍या बढ़ाई जाएगी। रेल मंत्रालय के एक वरिष्‍ठ अध‍िकारी ने आज सोमवार को मीडिया से कहा कि इससे ट्रेन में ज्‍यादा यात्रियों के यात्रा करने में सहायता मिलेगी। यह फैसला 17 जनवरी से लागू किया जाएगा। वर्तमान में स्‍लीपर कोच में 5 RAC बर्थ होती हैं, इनकी संख्‍या बढ़ाकर 7 कर दी गई है, यानी 10 की जगह अब 14 यात्रियों को सीट मिल सकेगी। साइड लोअर बर्थ को RAC बनाकर यात्रियों को बैठने की सुविधा दी जाती है और एक बर्थ पर दो यात्री बैठ सकते हैं। थर्ड एसी कोच में अब तक सिर्फ 2 RAC बर्थ हुआ करती थीं, इन्‍हें बढ़ाकर चार कर दिया गया है ताकि 4 की जगह 8 यात्री बैठ सकें। सेकेंड एसी कोच के लिए, RAC बर्थ की संख्‍या 2 से बढ़ाकर 3 कर दी गई है। सेकेंड एसी में अब चार की जगह छह यात्री बैठकर सफर कर सकेंगे। हालांकि सीट उपलब्‍धता की कोई गारंटी नहीं दी गई है।

इसी महीने सरकार ने ट्रेन टिकट में छूट संबंधी नियमों में बदलाव किया था। रेलवे के नए नियम के मुताबिक, अब सीनियर सिटिजन को ट्रेन टिकट में छूट पाने के लिए आधार कार्ड दिखाना जरूरी होगा। यह नियम 1 अप्रैल 2017 से अनिवार्य हो जाएगा, जिसके तहत सिनियर सिटीजन का रेलवे टिकट सीधे तौर पर आधार कार्ड या यूनीक आइडेंटिफिकेशन (UID) से लिंक होगा और काउंटर व ऑनलाइन टिकट लेते समय आधारकार्ड दिखाना अनिवार्य होगा। हालांकि जनवरी से मार्च तक यह नियम विकल्प के तौर पर ही मौजूद है।

रेलवे मंत्रालय ने इससे जुड़ा नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। रेलवे मंत्रालय ने आधारकार्ड आधारित टिकट सिस्टम दो फेज में लागू करने का फैसला किया है। पहले चरण में वरिष्ठ नागरिक, स्वतंत्रता सैनानी, विकलांग, जैसी आरक्षित उम्मीदवारों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किया जाएगा। वहीं, दूसरे चरण में सभी सर्विसेस को आधार कार्ड से लिंक किया जाएगा और सभी रेल टिकट बुकिंग के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया जाएगा।

यूपी चुनावों को देखते हुए रेलवे ने दिसंबर से हमसफर ट्रेनों का संचालन शुरू किया है।  पिछले ढाई साल में मोदी सरकार करीब 57 नई ट्रेनें राज्य के लिए शुरू कर चुकी है।