मुश्किलों में 'माया'

मायावती के खिलाफ आयकर विभाग ने पांच पुराने मामले दोबारा खोले ।

मुश्किलों में

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ अायकर विभाग ने पांच पुराने चल रहे मामलों को दोबारा से सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दी है। ये मामले केवल मायावती नहीं, बल्कि उनके रिश्तेदारों के खिलाफ है। उनपर टैक्स चोरी करने का आरोप है। यूपी विधानसभा चुनाव के ठीक पहले अायकर विभाग की ओर से की गई यह कार्रवाई राजनीतिक गलियारों में चर्चा की विषय बना हुआ है।

इन मामलों में कुछ मामले फर्जी कंपनी बनाने के हैं, तो कुछ टैक्स चोरी के हैं। कुछ मामले वित्तीय धांधली से भी जुड़े हैं। जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग ने जांच करने के बाद पुराने खाते खंगोलने के बाद धारा- 148 के तहत इन मामलों को दोबारा सुनवाई के लिए तैयार किया है। जिन याचिकाओं को दोबारा सुनवाई के लिए वर्गीकृत किया गया है, उनमें 2012 में दर्ज कराई गई भाजपा नेता किरीट सोमैया की शिकायत शामिल है, जिसमें सोमैया ने मायावती के खिलाफ आर्थिक अनियमितता का आरोप लगाया था। वहीं, भाजपा नेता कलराज मिश्र ने मायावती और उनके भाई आनंद कुमार पर फर्जी कंपनियां बनाने का आरोप लगाया।

अक्टूबर में इन याचिकाओं की पड़ताल करके इनपर सुनवाई के निर्देश दिये गये। आयकर विभाग ने कुछ मामलों को एक्स श्रेणी में रखा है, लेकिन कुछ मामले वाई और जेड श्रेणी में शामिल है। लखनऊ में आयकर विभाग महानिदेशालय ने मायावती, उनके परिवार और सलाहकारों के खिलाफ ये याचिकाएं गाजियाबाद और नोएडा में आयकर विभाग के प्रिंसिपल कमिश्नर को तत्काल और उचित कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं।