जंग का इस्तीफा मंजूर नहीं, LG की दौड़ में किरण बेदी समेत कई नाम

राष्ट्रपत‌ि प्रणब मुखर्जी के दिल्ली के बाहर होने की वजह से नजीब जंग का इस्तीफा अभी मंजूर नहीं, अगले उपराज्यपाल की दौड़ में बस्सी समेत कई नाम शामिल ।

जंग का इस्तीफा मंजूर नहीं, LG की दौड़ में किरण बेदी समेत कई नाम

उपराज्यपाल नजीब जंग ने बृहस्पतिवार को अपना इस्तीफा केंद्र सरकार को भेज दिया। दिल्ली सरकार और जंग के बीच जारी वर्चस्व की जंग के बीच अचानक उनके इस्तीफे से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। हालांक‌ि उनका इस्तीफा अभी तक मंजूर नहीं क‌िया गया है।

इसका कारण राष्ट्रपत‌ि प्रणब मुखर्जी का द‌िल्ली से बाहर होना बताया जा रहा है। जब तक उनका इस्तीफा मंजूर नहीं होता तब तक नजीब जंग ही कार्यभार संभालते रहेंगे। उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित दिल्ली की जनता का धन्यवाद करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में लौटने की बात की है।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया का कुलपति रहने के बाद 9 जुलाई 2013 में नजीब जंग ने केंद्र और दिल्ली में कांग्रेस की सरकार के दौरान उपराज्यपाल का पद ग्रहण किया था। उनके इस्तीफे को लेकर उपराज्यपाल कार्यालय ने बयान जारी किया, जिसमें नजीब के फिर से शिक्षा के क्षेत्र में लौटने की बात कही गई है।

नजीब ने प्रधानमंत्री को कार्यकाल के दौरान सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने दिल्ली की जनता को खासकर एक साल के राष्ट्रपति शासन के समय सहयोग व प्रेम देने के लिए शुक्रिया कहा। इसके अलावा मुख्यमंत्री केजरीवाल को भी धन्यवाद दिया। राजभवन से जारी बयान में सबसे अंत में कहा गया है कि वे अपने पहले प्यार की तरफ वापस जा रहे हैं, जो एकेडमिक्स है।

दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने इस्तीफा दिया। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक नजीब जंग का डेढ़ साल का कार्यकाल बचा हुआ था। जंग ने इस्तीफा देने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का शुक्रिया अदा किया। नजीब जंग के इस्तीफे का एलान उपराज्यपाल के कार्यालय से जारी हुआ। नजीब जंग जुलाई 2013 में दिल्ली के उपराज्यपाल बने थे।

जनसत्ता की बेवसाइ़ड पर छापी ख़बर के मुताबिक, नजीब जंग ने पहले भी दो बार इस्‍तीफे की पेशकश की थी। न्‍यूज चैनल एनडीटीवी से बातचीत में नजीब जंग ने यह खुलासा किया। जंग ने एनडीटीवी से कहा कि साल 2014 में जब केंद्र में बीजेपी की सरकार बनी थी तब उन्‍होंने इस्‍तीफे की पेशकश की थी। लेकिन उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पद पर बने रहने को कहा था। इसके बाद तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी इस्‍तीफा देने की बात कही थी।

गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल की दिल्ली सरकार लगातार जंग पर केंद्र के एजेंट के रूप में काम करने का आरोप लगाती रही है। सीएम केजरीवाल ने कई बार प्रेस कॉन्‍फ्रेंस और ट्विटर के जरिए कई बार जंग के लिए बेहद कड़े शब्‍दों का प्रयोग किया था।

वहीं पिछले दिनों दिल्ली महिला आयोग में दिलराज कौर को सदस्य सचिव नियुक्त किए जाने से नाराज केजरीवाल ने 7 नवंबर को नजीब जंग की तुलना ‘हिटलर’ से की थी। केजरीवाल ने ट्वीट किया था कि उप-राज्यपाल हिटलर की तरह व्यवहार कर रहे हैं और पीएम मोदी और अमित शाह के पदचिन्हों पर चल रहे हैं।