लंबी बीमारी के बाद MP के पूर्व सीएम का निधन

लंबे वक्त से बिमार चल रहे माध्य प्रदेश के पूर्व सुंदरलाल पटवा का बुधवार की सुहब निधन हो गया। सुंदरलाल को हार्ट अटैक आने के बाद उन्हें शहर के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया...

लंबी बीमारी के बाद MP के पूर्व सीएम का निधन

लंबे वक्त से बिमार चल रहे माध्य प्रदेश के पूर्व सुंदरलाल पटवा का बुधवार की सुहब निधन हो गया। सुंदरलाल को हार्ट अटैक आने के बाद उन्हें शहर के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने अपने जीवन की अाखिरी सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही सीएम शिवराज सिंह चौहान हॉस्पिटल पहुंचे।


बता दें कि सुंदरलाल जन्म से पहले 11 नवंबर 1924 को पटवा पहली बार 20 जून, 1980 से 17 फरवरी 1980 तक सीएम रहे। इसके बाद वे 5 मार्च, 1990 से 15 दिसंबर 1992 तक दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। बुधवार शाम 4 बजे अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को भोपाल स्थित बीजेपी ऑफिस में रखा जाएगा। उसके बाद उनके पार्थिव शरीर को नीमच भेजा जाएगा, जहां गुरुवार दोपहर 2 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पटवा के निधन पर मध्य प्रदेश में 3 दिन के राजकीय शोक का एलान किया गया है।



गौरतलब है कि सुंदर लाल पटवा 18 साल की उम्र में राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे। उसके बाद 1947 से 1951 तक संघ प्रचारक के रूप में काम किया। 1948 से संघ आंदोलन में उन्हें सात माह जेल में भी रहना पड़ा।  फिर 1951 में जब आरएसएस के राजनीतिक संगठन भारतीय जनसंघ का गठन हुआ तो पटवा इसके सक्रिय सदस्य बने। 1957 में पहली बार विधानसभा सदस्य बने। 1967 तक विधायक रहे। बाद में जिला सहकारी बैंक के अध्‍यक्ष बनाए गए। आपातकाल के दौरान 27 जून, 1975 से 28 जनवरी, 1977 तक मीसा बंदी के रूप में जेल में रहे।


वहीं 1980 में सीहोर से विधानसभा सदस्‍य निर्वाचित होकर भाजपा के नेता एवं सदन में विरोधी दल के नेता बने। 985 में फिर विधानसभा सदस्‍य चुने गए तथा लोक लेखा समिति के सभापति एवं सामान्‍य प्रयोजन समिति के सदस्‍य रहे। 1986 से भाजपा के प्रदेशाध्‍यक्ष रहे। 1993 में फिर विधानसभा सदस्‍य निर्वाचित हुए। 1997 में छिंदवाड़ा सीट के लिए हुए लोकसभा उपचुनाव में पहली बार सांसद चुने जाने गए और फिर अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री के पद पर उन्होंने कार्य किया।