‘रईस’ का प्रचार नहीं करेगी माहिरा खान, शाहरुख ने राज ठाकरे को दिलाया भरोसा

शाहरूख ने ‘रईस’ का प्रचार माहिरा खान के नहीं करने का राज ठाकरे को भरोसा दिलाया...

‘रईस’ का प्रचार नहीं करेगी माहिरा खान, शाहरुख ने राज ठाकरे को दिलाया भरोसा

शाहरूख खान ने अपनी फिल्म ‘रईस’ की रिलीज से पहले कल महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की थी। इस फिल्म में पाक अदाकारा ने भी अभिनय किया है।

मनसे चित्रपट कर्मचारी सेना प्रमुख अमय खोपकर ने बताया, ‘‘खान ने हमसे कहा कि फिल्म के प्रचार के लिए वह यहां नहीं होंगी. कोई और पाकिस्तानी कलाकार नहीं होंगे. हमने इसे ठीक पाया और फिल्म की रिलीज का विरोध नहीं करने का फैसला किया।’’

उन्होंने बताया, ‘‘हम पहले ही अपना रूख स्पष्ट कर चुके हैं कि पाक कलाकारों को बॉलीवुड की फिल्मों में शामिल नहीं करना चाहिए. शाहरूख खान ने राज ठाकरे से मुलाकात की और स्पष्ट किया कि पाकिस्तान कलाकार फिल्म के प्रचार के लिए भारत नहीं आ रहे हैं।’’

फिल्म की सुगमता से रिलीज सुनिश्चित करने के लिए शाहरूख के राज से मिलने को विपक्षी कांग्रेस, सपा और राकांपा ने शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की भाजपा नीत सरकार राज को राजकीय संरक्षण दे रही है।

मुंबई कांग्रेस प्रमुख संजय निरूपम ने कहा कि फड़नवीस को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या राज ठाकरे राज्य में समानांतर सरकार चला रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘राज ठाकरे कौन हैं कि फिल्म निर्माता और कलाकार सेंसर बोर्ड की बजाय उनसे इजाजत मांग रहे हैं? क्या राज ठाकरे समानांतर सरकार चला रहे हैं।’’

सपा ने कहा कि देवेंद्र फड़नवीस नीत सत्तारूढ़ गठबंधन ने गैरवाजिब अहमियत देकर मनसे को एक समानांतर सरकार चलाने की इजाजत दी है।

प्रदेश सपा प्रमुख अबू असीम आजमी ने शाहरूख के कल मनसे प्रमुख के आवास जाने का जिक्र  करते हुए कहा , ’‘ यह फड़नवीस सरकार के लिए शर्म की बात है कि शाहरूख को अपनी फिल्म की सुगमता से रिलीज सुनिश्चित करने के लिए ठाकरे के दरवाजे पर जाना पड़ा. इससे जाहिर होता है कि मौजूदा सरकार रीढ़हीन है।’’

सपा नेता ने कहा कि वह शाहरूख को जिम्मेदार नहीं ठहरा रहे. उन्हें अवश्य ही अपनी फिल्म के बारे में चिंतित होना चाहिए. लेकिन इससे जाहिर होता है कि राज ठाकरे राज्य में एक समानांतर सरकार चला रहे हैं और इसी कारण अभिनेता उनसे मिलने गए।

 आजमी ने कहा कि ऐसा तब हो रहा है जब राज ठाकरे नीत पार्टी का विधानसभा में सिर्फ एक विधायक है. उन्होंने कहा कि पिछली बार ‘ऐ दिल है मुश्किल’ फिल्म के निर्माताओं और ठाकरे के बीच समझौता कराने के लिए खुद मुख्यमंत्री ने मध्यस्थता की थी।

राकांपा ने भी राज को बढ़ावा देने को लेकर फड़नवीस पर हमला बोला और कहा कि दोनों प्रकरणों से जाहिर होता है कि राज्य में कानून का शासन नहीं है।

राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि फड़नवीस ने करन जौहर और राज के बीच समझौता कराया था। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शाहरूख अपनी फिल्म की रिलीज से पहले ठाकरे से मिलते है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि कल की मुलाकात जाहिर करती है कि राज को जौहर के साथ अक्तूबर में किए गए समझौते जैसी चीजों के लिए अब फड़नवीस की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि मनसे अब आधिकारिक रूप से समझौता कराने वाली पार्टी बन गई है।