मणिपुर: कई दिनों से आर्थिक नाकेबंदी, जनजीवन अस्त-व्यस्त

मणिपुर में यूनाइटेड नगा काउंसिल की ओर से की गई आर्थिक नाकाबंदी 53 दिनों से जारी है, जरूरी चीजों की सप्लाई ठप।

मणिपुर: कई दिनों से आर्थिक नाकेबंदी, जनजीवन अस्त-व्यस्त

मणिपुर में यूनाइटेड नगा काउंसिल की ओर से आर्थिक नाकाबंदी की गई है। बीते करीब 53 दिनों से यहां नाकेबंदी है। इसकी वजह से यहां का आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे ज़्यादा असर मेडिकल सुविधाओं पर पड़ा है। अस्पतालों में बुरा हाल है। यहां इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई हैं। अस्पतालों में ऑक्सीज़न के सिलेंडर और जीवन रक्षक दवाइयों की कमी है, जिससे मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले यहां हिंसा हुई थी और उसके बाद यहां कर्फ़्यू लगा दिया गया।

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरन रिजीजू मणिपुर में जमीनी हकीकत का जायजा लेने जाएंगे। रिजीजू ने कहा कि वहां चीजें अच्छी नहीं हैं। लोगों को ज़रूरत का समान भी नहीं मिल रहा है। हर तरफ से तंगी हो रही है इसीलिए हालात का जायजा लेने के लिए मैं वहां जा रहा हूं।

केंद्र सरकार ने मणिपुर में आर्थिक नाकाबंदी को लेकर चिंता जताई है। मणिपुर को जोड़ने वाले एक राजमार्ग की लंबे समय से नाकेबंदी को लेकर केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य सरकार को उसके संवैधानिक कर्तव्य का निर्वहन करने में असफल रहने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है।

केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को इसीलिए भी आड़े हाथों लिया कि वे यातायात का सुचारू रूप से चलाने में असफल रहे। राजनाथ सिंह ने इसके साथ ही नगालैंड के मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग से भी कहा कि वह यह सुनिश्चित करें कि उनके राज्य से गुजरने वाले वाहनों के आने-जाने में कोई दिक्कत न हो, क्योंकि खबरें आ रही हैं कि नगा छात्रसंघ ने नगालैंड में वाहनों की नाकेबंदी का आह्वान किया है।