नोटबंदी से निजी ऑपरेटर्स को 922 करोड़ का नुकसान, NHAI करेगा भरपाई

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण उस 922 करोंड़ के नुकसान का भूगतान करेगी जो 9 नवंबर की दोपहर से लेकर 2 दिसंबर की रात तक नोटबंदी की वजह से हुआ...

नोटबंदी से निजी ऑपरेटर्स को 922 करोड़ का नुकसान, NHAI करेगा भरपाई

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण उस 922 करोंड़ के नुकसान का भूगतान करेगी जो 9 नवंबर की दोपहर से लेकर 2 दिसंबर की रात तक नोटबंदी की वजह से हुआ। नोटबंदी की वजह से निजी ऑपरेटरों को काफीनुकसान हुआ है। जिसका भूगतान अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को करना होगा। 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपए के नोटों को प्रतिबंधित करने के बाद सभी राष्‍ट्रीय राजमार्गों पर टोल कलेक्‍शन स्‍थगित कर दिया गया था। ये नुकसान टोल चुकाने में राहत देने के चलते हुआ है। NHAI ने निजी हाइवे ऑपरेटर्स को मुआवजा देने का प्रस्‍ताव रखा है ताकि ‘निजी निवेशकर्ताओं के आत्‍मविश्‍वास को बढ़ाया जा सके।’

हालांकि सभी 317 टोल प्‍लाजा के हिसाब से यह रकम करीब 1,212 करोड़ रुपए बैठती है, मगर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के प्रोजेक्‍ट्स पर करीब 922 कराेड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है। एनएचएआई ने अपने प्रस्‍ताव में कहा है, ”सार्वजनिक क्षेत्र के प्रोजेक्‍ट्स में करीब 290 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है, जो कि NHAI के तहत आता है, और इसके लिए मुआवजा दिए जाने की जरूरत नहीं है।

गौरतलब है कि वर्तमान में, कॉन्‍ट्रैक्‍ट की शर्तें यह बताती हैं कि सरकार के फैसले से हुए नुकसान में कितना अंतरिम मुआवजा हर प्रोजेक्‍ट को दिया जाना चाहिए और एक प्रोजेक्‍ट की टॉलिंग कब तक बढ़ाई जा सकती है। मगर NHAI ने कहा है कि हर एक प्रोजेक्‍ट के लिए ऐसी जानकारी जुटा पाना भारी चुनौती होगा और ऐसा डर है कि बाद में निजी खिलाड़ी बड़े दावे करते हुए याचिकाएं दायर कर सकते हैं।

साथ ही NHAI ने कहा है कि जो ऑपरेटर एक बार में मुआवजा लेंगे उन्‍हें अथॉरिटी के साथ एक समझौता साइन करना होगा। इसमें वह घोषणा करेंगे कि भविष्‍य में किसी तरह का दावा नहीं किया जाएगा, न ही टोल पीरियड बढ़ाने की बात होगी।