नीतीश की मोदी को नसीहत, कहा- 'सिर्फ नोटबंदी से कुछ हासिल नहीं होगा'

8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोटों को आमान्य घोषित करने का फैसला किया गया जिसके बाद देश में कुछ लोगों ने...

नीतीश की मोदी को नसीहत, कहा-

8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोटों को आमान्य घोषित करने का फैसला किया गया जिसके बाद देश में कुछ लोगों ने नोटबंदी का समर्थन किया तो कुछ विपक्षी पार्टियों ने मोदी के इस फैसले का जमकर विरोध किया और मोदी के इस नोटबंदी के फैसले का समर्थन करने वालों में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हैं। नीतीश कुमार ने नोटबंदी का समर्थन करते हुए कहा था कि यह सकारात्मक कदम है और इसका फायदा होगा। नीतीश कुमार ने पीएम मोदी से तत्काल बेनामी सम्पत्ति पर लगाम लगाने की शुरुआत करने और सोना, हीरा के रूप में कालाधन की जमाखोरी करने वालों  को निशाना बनाने को कहा था। अब वही नीतीश नोटबंदी को लेकर मोदी को नसीहत देते नज़र आए। नीतीश ने कहा कि अकेले नोटबंदी से बहुत कुछ हासिल नहीं होगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि नोटबंदी का यह कदम कोई साधारण कदम नहीं, बहुत ‘साहसिक कदम’ है पर इसे लागू करने के लिए तैयारी और की गई होती तो किसी को कठिनाई नहीं होती। नीतीश ने कहा, 'केवल नोटबंदी से नहीं बल्कि बेनामी संपत्ति पर जबतक प्रहार नहीं किया जाएगा कालेधन के खिलाफ की गई कार्रवाई का उतना परिणाम नहीं आएगा जितना आवश्यक है।'

नोटबंदी को लेकर बिहार की महागठबंधन सरकार में शामिल दलों जदयू, राजद और कांग्रेस में अलग-अलग राय होने के कारण दरार पैदा के बारे में नीतीश ने इसे खारिज करते हुए कहा था कि इसको लेकर कोई भ्रांति नहीं यह महागठबंधन इस प्रदेश के मुद्दों लेकर है, उसपर कोई मतभेद नहीं लेकिन कोई राष्ट्रीय मुद्दा आने पर अलग राय रखने क्या मतभेद की संज्ञा की जाएगी।

नीतीश ने कहा था, 'बिहार में जदयू, राजद और कांग्रेस का जो महागठबंधन बना। सरकार चल रही है। बिलकुल कामन एजेंडा पर काम चल रहा है। आपसी समझदारी है। किसी प्रकार की कोई भ्रांति नहीं है।

नीतीश ने महागठबंधन में मतभेद और दरार की अटकलों को लोगों का ख्याली पुलाव की संज्ञा देते हुए कहा था कि इसका मतलब यह कतई नहीं होता कि बिहार में तीन दलों का गठबंधन है तो दुनिया के सारे मुद्दे पर लोग एक राय होंगे। यह असंभव है।