नोटबंदी तो महज शुरूआत है, अगला निशाना बेनामी संपत्तिः पीएम मोदी

काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमला जारी रखने का संकल्प दोहराते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि नोटबंदी की घोषणा पूर्ण विराम नहीं है बल्कि यह महज शुरुआत है। इस जंग को जीतना है। रुकने का कोई सवाल ही नहीं है।

नोटबंदी तो महज शुरूआत है, अगला निशाना बेनामी संपत्तिः पीएम मोदी

काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमला जारी रखने का संकल्प दोहराते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि नोटबंदी की घोषणा पूर्ण विराम नहीं है बल्कि यह महज शुरुआत है। इस जंग को जीतना है। रुकने का कोई सवाल ही नहीं है। यही कारण है कि अगला निशाना बेनामी संपत्ति है, जिसे हमने काफी धारदार बनाया है। भविष्य में यह कानून अपना काम करेगा। रविवार को ‘मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि मैंने आठ नवंबर को ही कहा था कि ये लड़ाई असामान्य है।

बेनामी संपत्ति की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सोची-समझी रणनीति के तहत इसे पहले की सरकारों ने धारदार नहीं बनाया। ये कानून 1988 में बना था  लेकिन कभी भी न उसके नियम बनें और न ही अधिसूचित किया गया। ऐसे ही वो ठंडे बस्ते में रहा। हमने उसको निकाला है और बड़ा धारदार बेनामी संपत्ति का कानून बनाया है और आने वाले दिनों में वो कानून भी अपना काम करेगा।

पीएम मोदी ने नोटबंदी के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि इसके बारे में  कितनी सारी अफवाहें फैलाई गई। सांप्रदायिकता के रंग से रंगने की भी काफी कोशिशें की गईं। फिर भी देशवासियों के मन को कोई नहीं हिला सका है। उन्होंने कहा कि मैं जनता के इस सामर्थ्य को भी शत-शत नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि आज टीवी पर, समाचार-पत्रों में देखते होंगे कि रोज नए-नए लोग और नोट पकड़े जा रहे हैं। ये सब भी आम जनता की सूचना से संभव हुआ। सरकारी व्यवस्था से जितनी जानकारी आती है उससे कई गुना ज्यादा सामान्य नागरिकों से जानकारियां आ रही हैं।

नोटबंदी के नियमों में बार-बार बदलाव के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि ऐसा जनता-जनार्दन के लिए किया जा रहा है। हर पल एक संवेदनशील सरकार होने के कारण जनता की सुख-सुविधा को जितने भी नियम बदलने पड़ते हैं, हम बदलते हैं। सरकार लगातार फीडबैक लेने का प्रयास कर रही है। इसके आधार पर हम नए रास्ते तलाशते हैं। पीएम ने संसद न चलने देने के लिए कुछ विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि मैं चाहता था कि काला धन व राजनीतिक दलों के वित्त पोषण के मुद्दे पर सदन में व्यापक चर्चा हो। अगर सदन चला होता तो जरूर चर्चा होती। पीएम ने उन खबरों को भी गलत बताया जिसमें राजनीतिक दलों को छूट देने  की बात कही गयी थी। उन्होंने दोहराते हुए कहा कि कानून सब के लिए बराबर है, जो भी दोषी होगा पकड़ा जाएगा।