नोटबंदी को प्रसव पीड़ा जैसा बताने पर केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद की सोशल मीडिया में आलोचना

केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कुछ दिनों पहले नोटबंदी से हो रही परेशानियों की तुलना ‘‘प्रसव पीड़ा’’ से की थी और उन्होंने कहा था कि इसका परिणाम बच्चे के जन्म की तरह ही ‘‘सुखदायी’ होगा।

नोटबंदी को प्रसव पीड़ा जैसा बताने पर केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद की सोशल मीडिया में आलोचना

केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कुछ दिनों पहले नोटबंदी से हो रही परेशानियों की तुलना ‘‘प्रसव पीड़ा’’ से की थी और उन्होंने कहा था कि इसका परिणाम बच्चे के जन्म की तरह ही ‘‘सुखदायी’ होगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली भाजपा के आईटी सेल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में यह टिप्पणी की थी। इस कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि नोटबंदी किस तरह देश को नकदी रहित अर्थव्यवस्था में बदलने का एक अवसर है। हालांकि रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि नोटबंदी के पीछे सरकार का मकसद नकदी रहित नहीं बल्कि ‘‘कम नकदी’’ है। उन्होंने संसद को काम नहीं करने देने के लिए विपक्षी दलों की आलोचना की। उधर सोशल मीडिया पर प्रसाद के इस बयान को लेकर यूजर्स काफी आलोचना कर रहे हैं।

प्रसाद ने कहा कि ‘लोगों को इससे थोड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा लेकिन यह पीड़ा उस पीड़ा की तरह है जो एक महिला प्रसव के दौरान झेलती है। अंतत: सभी को उसी तरह खुशी का एहसास होगा जैसा कि बच्चे के पहली बार रोने पर होता है।’ उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सिंह बोले तो उन्हें ‘खुशी’ हुई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘मैं दो लोगों के भाषणों का उत्सुकता से इंतजार करता हूं। मनमोहन सिंह एवं राहुल गांधी।’ उन्होंने विदेश की यात्राओं के जरिए विश्व स्तर पर भारत का कद ‘ऊंचा’ करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की।

कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि बैंकों में जमा कराई गई राशि का इस्तेमाल भारतीय सेना को मजबूत बनाने में निवेश करने, किसानों, छोटे व्यापारियों की मदद करने और सड़कों के निर्माण में किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले से ‘‘नक्सलियों एवं आतंकवादियों’’ को काफी परेशानी हो रही हैं।