हार्ट ऑफ एशिया' सम्मेलन शुरू, पीएम शाम काे बैठक में भाग लेंगे

पंजाब के अमृतसर जिले में दाे दिवसीय हार्ट आॅफ एशिया सम्मेलन आज से शुरू हाे गया है। इस सम्मेलन में 30 देश से अधिक भाग ले रहे है, इस सम्मेलन के लिए गुरुनगरी में सुरक्षा के पुखते इंतजाम किए गए हैं।

हार्ट ऑफ एशिया

पंजाब के अमृतसर जिले में आज यहां होटल रैडिशन ब्ल्यू में दो दिवसीय 'हार्ट ऑफ एशिया' सम्मेलन शुरू हो गया है। इस सम्मेलन के लिए आए अधिकारियों की बैठक शुरू हो गई है। वित्तमंत्री अरुण जेटली इस सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। सम्मेलन में पाकिस्तान, चीन, ईरान, रूस और अफगानिस्तान सहित 30 से अधिक देश भाग ले रहे हैं। इस सम्मेलन के लिए गुरुनगरी में सुरक्षा के पुखते इंतजाम किए गए हैं।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी संयुक्त रूप से 4 दिसंबर को मुख्य सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। अफगानिस्तान इसका स्थायी अध्यक्ष है जबकि भारत इस साल सह-अध्यक्ष होने के नाते सम्मेलन का मेजबान है। मंत्री स्तरीय सम्मेलन की सह अध्यक्षता जेटली और अफगान विदेश मंत्री करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अाज शाम को यहां पहुुंचेंगे।

हार्ट आॅफ एशिया सम्मेलन में अफगानिस्तान और इसके पड़ोसी देशों के बीच सुरक्षा, राजनीतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लक्ष्य से यह मंच तैयार किया गया है। इस बैठक में अफगानिस्तान आैर उसके पड़ोसियों के बीच क्षेत्रीय सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, ताकि कनेक्टिविटी बढ़ाई जा सके और सुरक्षा खतरों से निपटा जा सके। सम्मेलन में विदेश मामलों पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सलाहकार सरताज अजीज भाग लेने के लिए रविवार को भारत आएंगे। वह पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।

'हार्ट आफ एशिया' की मेजबानी के लिए गुरु नगरी सजकर तैयार हो गई है। शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। कांफ्रेंस स्थल होटल रेडीसन ब्ल्यू और होटल ताज व होटल हयात को अभेद्य दुर्ग में तबदील कर दिया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी होटल ताज में रहेंगे, जबकि विदेशी मेहमान अन्य दो होटलों में रहेंगे।

सुरक्षा के लिहाज से शहर अर्द्ध सैनिक बलाें के हवाले कर दिया गया है। अर्द्ध सैनिक बलाें की सात कंपनियां के अलावा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के पांच हजार जवान सड़कों पर तैनात हैं और शहर के चप्पे-चप्पे पर निगाह बनाए हुए है। सुरक्षा में तैनात जवानों ने देर रात रिहर्सल भी की।

शहर के एंट्री व एग्जिट मार्गों पर वाहनों के चेकिंग करने के अलावा हर हरकत पर जवान निगाह जमाए बैठे हैं। एसपीजी के जवानों ने श्रीदरबार साहिब और साडा पिंड में रिहर्सल करते हुए सुरक्षा का जायजा लिया। पूरा दिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उच्चाधिकारियों की बैठकों का दौर चलता रहा।

हार्ट आफ एशिया की कांफ्रेंस में शनिवार सुबह नौ बजे कांफ्रेंस में भाग लेने वाले देशों के अधिकारियों की बैठक शुरू। शाम 4:50 बजे मंत्री व कांफ्रेंस डेलीगेट्स श्रीदरबार साहिब माथा टेकेंगे और जलियांवाला बाग जाएंगे। शाम 6.30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी श्रीगुरुराम दास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचेंगे।

बातदें कि 'हार्ट आफ एशिया' की स्थापना 1 नवंबर, 2011 को तुर्की के शहर इस्तांबुल  में हुआ था जिसमें 14 देशों ने मिल कर इसकी नीव़ रखी थी। इसमें भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, तुर्की, तुर्कमेनिस्तान, अजरबैजान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल थे। इन देशों ने आतंकवाद रोकने, नशीले पदार्थों पर रोक, आपदा प्रबंधन, व्यापार-निवेश को बढ़ावा, विकास का ढांचा तैयार करने और शिक्षा का विस्तार जैसी छह प्राथमिकताओं को चुना था। अब इसकी सदस्य संख्या अब 40 तक पहुंच चुकी है।

बाताय जा रहा है कि इस सम्मेलन में हाल ही में हुए नगरोटा आतंकी हमले का असर साफ दिखने को मिलेगा। भारत इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को घेरने व उसकी आतंक समर्थित नीतियों को सबके सामने लाएगा। इसके अलावा सीमा पार से आतंकवाद भी बड़ा मुद्दा रहेगा। भारत नगरोटा हमले पर आक्रामक रुख अपना सकता है। सम्मेलन में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज करेंगे। मोदी अफगानिस्तान में शांति बहाली की मजबूती से पैरवी कर सकते हैं।