HC के ट्रिपल तलाक के फैसले पर आपस में भिड़े अमर सिंह और रेणुका चौधरी

हाईकोर्ट के फैसले पर सपा नेता अमर सिंह और कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी के बीच जमकर तू-तू मैं-मैं हुई... देखिए उसकी झलक

HC के ट्रिपल तलाक के फैसले पर आपस में भिड़े अमर सिंह और रेणुका चौधरी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरूवार को ट्रिपल तलाक पर कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे असंवैधानिक करार दिया, कोर्ट ने कहा कि कोई भी पर्सनल लॉ संविधान से ऊपर नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक देना क्रूरता की श्रेणी में आता है।


वहीं  कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी ने फैसले पर कहा कि यह दुखद है कि कोर्ट को यह बताना पड़ा। फैसले के बाद मुझको सुरक्षा मिलेगी. देश में संविधान ही सुप्रीम है, देश में शांति से रहने के लिए कानून का पालन करना सभी के लिए जरूरी है।


जवाब में अमर सिंह बोले कि सबकुछ संविधान से निर्धारित नहीं हो सकता, यह एक संवेदनशील मुद्दा है। यह सही है कि कोई बोर्ड संविधान से ऊपर नहीं है, यही बात मुलायम सिंह ने बाबरी मस्जिद गिरने के वक्त कही थी कि सभी बातें संविधान निर्धारित नहीं करता। अमर सिंह बोले कि इस फैसले का यूपी चुनाव पर भी असर होगा, लेकिन हम इसे लागू नहीं होने देंगे।


सपा नेता अमरसिंह और कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी की बीच तू-तू मैं-मैं


अमर सिंह - कृष्ण भगवान की 16 रानियां थी, राजा दशरथ की तीन रानियां, पहले महाराजाओं कि अनेक रानियां होती थी. क्षत्रियों में ये परम्परा रही है कि राजा हारा तो रानी दे दी, हिंदु धर्म बेहद उदार है. मुसलमानों कि शरीयत संवेदनशील है इस पर कोई हमारे जैसा व्यक्ति बयान दे ये सही नहीं है.


रेणुका - पुराने ज़माने कि कहानी मत सुनाइये अमर सिंह जी, इससे तीन तलाक़ का कोई मतलब नहीं है. एक पुरुष को अधिकार दे रहे कि वो फोन पर बोले और तलाक़ ले ले और हमारा जीवन तबाह हो जाए, महिलाओं का हक़ में मर्यादा रखनी चाहिए.


अमर सिंह - इनकी बात सही है पर मैं बोलूंगा तो उसका प्रभाव पूरे देश में पड़ेगा, इसलिए मैं अपनी वाणी को विराम दे रहा हूं क्योंकि ये मामला सुप्रीम कोर्ट जायेगा.


रेणुका- सुप्रीम कोर्ट जाने दीजिए परलोक जाने दीजिए अमरसिंह जी. सति से लेकर महिलाओं के हक के लिए राजा राम मोहन रोय एक आदमी खड़ा रहा उसके वजह से इसलिए लोग ज़िंदा हैं.


अमर सिंह- एक राजनेता होने के कारण में एक बड़े समुदाय के बारे में मैं विचार प्रकट करूँगा तो उनकी कमेटी में, पर चैनल में नहीं बोल सकूँगा. मैं भावनात्मक नैतिक रूप से अपनी बहन से सहमत हूँ, मैं एक दल का महासचिव हूं मैं कुछ बोलूंगा तो पूरे दल पर लागू होगा.


रेणुका- ये मेरी भी अपनी राय है, मगर मैं अमर सिंह से सहमत नहीं हूं.