पर्रिकर का विपक्ष पर हमला कहा- "नाेटबंदी के बाद कई नेता भिखारी बन गए हैं"

केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने बीते शनिवार नोटबंदी को लेकर एक ऐसा बयान दे दिया है जिसपर विवाद हो सकता है। पर्रिकर ने गाेवा के पोंडा जिला में एक रैली को संबोधित करते हुए विपक्षी दल के नेताओं पर वार किया और कहा कि 500 और 1000 के पुराने नोट बंद होने के बाद कई नेता भिखारी बन गए हैं।

पर्रिकर का विपक्ष पर हमला कहा- "नाेटबंदी के बाद कई नेता भिखारी बन गए हैं"

केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने बीते शनिवार नोटबंदी को लेकर एक ऐसा बयान दे दिया है जिसपर विवाद हो सकता है। पर्रिकर ने गाेवा पोंडां जिला में एक रैली को संबोधित करते हुए  विपक्षी दल के नेताओं पर वार किया और कहा कि 500 और 1000 के पुराने नोट बंद होने के बाद कई नेता भिखारी बन गए हैं।

मीडिया में खबर के अनुसार रक्षा मंत्री  (16 दिसंबर) शनिवार को गाेवा राज्य के जिले पोंडा विधानसभा क्षेत्र में विजय संकल्‍प रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्‍होंने कहा कि कुछ लोग गोवा को लूटने का कारोबार चला रहा था। मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें गहरी चोट दी है। उनके द्वारा पांच सौ और हजार रुपये का नोट बंद किए जाने की घोषणा के बाद कई राजनेता भिखारी बन गए हैं।

पर्रिकर ने दावा किया कि एक नेता को तो नोटबंदी के बाद दिल का दौरा तक पड़ चुका है लेकिन बाद में उस नेता ने कहना शुरू किया कि हार्ट अटैक का नोटबंदी से कोई लेना-देना नहीं है। मुख्यमंत्री बना, तो मैंने कहा कि यह पुल मैं छह महीने में बना कर दिखाऊंगा हालांकि, लोगों ने उस समय मेरी बातों पर भरोसा नहीं किया था और आज सच सबके सामने है। पर्रिकर ने कहा कि मेरे मुख्यमंत्री का पद संभालने के पहले गोवा में एक पुल का तीन बार शिलान्यास हो चुका था, लेकिन वह बन नहीं रहा था ।

पर्रिकर ने कहा कि मेरे मुख्यमंत्री बनने से पहले गोवा में एक पुल का तीन बार शिलान्यास हो चुका था, लेकिन यह बन नहीं रहा था। जब मैं गोवा का मुख्यमंत्री बना, तो मैंने कहा कि यह पुल मैं छह महीने में बनाऊंगा। हालांकि, लोगों ने उस समय मेरी बातों पर भरोसा नहीं किया था।

सहयोगी दल एमजीपी से मतभेद का हवाला देते हुए पर्रिकर ने तेलीगाव में आयोजित एक रैली में कहा, "कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है। वे हमारे सरकार में मंत्री हैं।" उन्होंने कहा, "अगर इन मंत्रियों को मतभेद है तो उन्हें मंत्रिमंडल में नहीं रहना चाहिए। वे सरकार द्वारा की गई हजारों चीजों का जिक्र नहीं कर रहे लेकिन एक या दो चीजों को लेकर शिकायत कर रहे हैं, जो सरकार ने नहीं कर सकी है।"