सांसदों पर भड़के राष्ट्रपति, कर डाली ये नसीहत

संसद में हंगामें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भगवान के लिए सांसदों से अपील है कि वो संसद में काम करें...

सांसदों पर भड़के राष्ट्रपति, कर डाली ये नसीहत

संसद में हंगामें के चलते वहां के बंद पड़े कामकाज को लेकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भगवान के लिए सांसदों से अपील है कि वो संसद में काम करें।उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें काम के लिए चुना है न कि धरना देने के लिए। संसद में इन दिनों काम में बाधा पहुंचाना जैसे चलन बन चुका है। राष्ट्रपति ने डिफेंस एस्टेट लेक्चर-2016 को लेकर कहा कि मजबूत लोकतंत्र के सुधार के लिए ही सांसदों को संसदीय कामकाज पूरा करने के लिए बनाया गया है। इसे प्रभावित करने के लिए नहीं।

बता दें कि लंबे समय तक सांसद रह चुके प्रणब मुखर्जी ने कहा कि हंगामे का मतलब है कि आप संख्या में कम हैं। बहुमत में होने वाले लोग कभी सदन में नारेबाजी नहीं करते। जानबूझकर ऐसे हालात बनाए जाते हैं कि सभापति के पास सदन स्थगित करने के अलावा कोई चारा नहीं रहता। राष्ट्रपति ने कहा कि सांसदों द्वारा जानबूझकर संसद को रोकना बर्दाश्त के काबिल नहीं है।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि सांसद के तौर पर उन्हें जो स्वतंत्रता मिली हुई है उसका उन्हें दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। 16वें दिन भी संसद के दोनों सदन ठप रहे। कामकाज नहीं होने पर लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने सदस्यों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कार्यवाही में हिस्सा ले रहे दूसरे सदस्यों के काम में बाधा न पहुंचाएं वरना सख्त कदम उठाऊंगी। शून्यकाल में इस चेतावनी का बखूबी असर दिखा।

गौरतलब है कि नोटबंदी के 30 दिन पूरे होने पर भी विपक्ष का विरोध नहीं थमा और उन्होंने ब्लैक-डे मनाया। संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने सांसदों ने मौन रखकर विरोध किया। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नोटबंदी के फैसले को मूर्खतापूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पेटीएम दरअसल पे टू मोदी है’। साथ ही राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर संसद से भागने का आरोप लगाया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस को चुनौती दी कि पिछले 10 साल में काले धन के खिलाफ लिया कोई एक भी फैसला बताएं। इधर, ममता ने ट्वीट कर तंज कसते हुआ कहा कि और कितनी जान लोगे मोदी बाबू। तृणमूल कांग्रेस ने ऐसे लोगों की सूची जारी की है, जिसमें नोटबंदी के चलते 8 नवंबर से जान गंवा चुके लोगों के नाम हैं।