सचिवालय में अड़ी रही ममता, आधी रात से चली गई सेना

ममता बनर्जी ने ट्वीट कर बताया था कि बंगाल राज्य सचिवालय के बाहर सेना तैनात कर दी गई है और वो उसे हटाने के लिए सचिवालय में मौजूद हैं...

सचिवालय में अड़ी रही ममता, आधी रात से चली गई सेना

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के सचिवालय में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अभी भी मौजूद है। लेकिन नबन्ना के पास टोल प्लाज़ा पर तैनात सेना को वहां से आधी रात के बाद हटा दिया गया। जबकि इस नाके से सेना के हटाने की वजह नहीं बताई गई है।

बता दें कि ममता की मांग है कि यहां से सेना हटाने से काम नहीं चलेगा मैं तब तक सचिवालय में मौजूद रहूंगी जब तक  राज्य के उत्तरी हिस्से दार्जिलिंग और दक्षिण में मेदिनीपुर से सेना नहीं हटा ली जाती, वो सचिवालय में ही रहेंगी। ममता बनर्जी ने ट्वीट कर बताया था कि बंगाल राज्य सचिवालय के बाहर सेना तैनात कर दी गई है।

साथ ही उन्होंने ट्वीट में ये भी कहा कि पुलिस के विरोध के बावजूद अति सुरक्षित इलाक़े में सेना भेजना दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं सचिवालय में ही हूं और नज़र रख रही हूँ अपने लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए।

इसके आधा घंटा बाद किए ट्वीट में ममता ने कहा कि जब तक सचिवालय से सेना नहीं हटा ली जाती मैं लोकतंत्र की रक्षा के लिए सचिवालय में ही रहूंगी। उन्होंने यह भी कहा कि दो टोल नाकों पर बिना राज्य सरकार को बताए सेना तैनात कर दी गई है। जो सही नहीं है और मैं इसके खिलाफ हूं।

वहीं सेना का कहना है कि इस कार्रवाई की जानकारी पुलिस को दे दी गई थी। पहले यह कार्रवाई 28 नवंबर से होनी थी। लेकिन राज्य पुलिस के कहने पर ही इसे आगे बढ़ा दिया गया। वहीं राज्य सरकार का कहना है कि उसके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है।सेना के जवान दरअसल सचिवालय से डेढ़ सौ मीटर दूर स्थित एक टोल प्लाज़ा पर मौजूद हैं, न कि सचिवालय के सामने।

ममता ने अपने अगले ट्वीट में ये भी लिखा है कि पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, दार्जीलिंग, बैरकपुर, उत्तरी 24 परगना, हावड़ा, हुगली, मुर्शिदाबाद और बर्दवान ज़िलों में भी सेना तैनात की गई है। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस ने ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर संसद के दोनों सदनों ने जम कर हंगामा किया था।

पार्टी का आरोप है कि जान बूझ कर उस विमान को ख़तरे में डालने की कोशिश की गई जिसमें ममता बनर्जी सवार थीं। तृणमूल कांग्रेस ने ये आरोप लगाया कि इंडिगो एयरलाइंस के जिस विमान में ममता बनर्जी पटना से कोलकाता आ रही थीं उसका तेल ख़त्म हो गया था। इसके बाद भी उसे उतरने की अनुमति 30 मिनट तक एयरपोर्ट का चक्कर काटने के बाद मिली।