हाथियों के डर से पेड़ों पर सोने को मजबूर लोग

दूर बुंडु गांव में हाथियों के झुंड में डाला ढेरा, लोगों में डर का माहौल, पेड़ों पर सोने को मजबूर हैं लोग ।

हाथियों के डर से पेड़ों पर सोने को मजबूर लोग

झारखंड की राजधानी रांची के पास हाथियों के उत्पात से करबीन चार परिवार पेड़ों पर रहने को मजबूर हैं। रांची-जमशेदपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से यात्रा करने वाले लोगों के बीच भी हाथियों के झुंड ने डर पैदा कर दिया है।

हाथियों के इधर-उधर भटकने के कारण राजमार्ग कई घंटे तक वीरान रहा। रांची से 45 किलोमीटर दूर बुंडु गांव के लोहराटोला में रहने वाले कुछ परिवारों ने पेड़ों पर ही अपना ठिकाना बना लिया है। वे हाथियों से बचाने के लिए पेड़ों पर ही सोते हैं।

हाथियों के एक झुंड ने पिछले साल उनके घरों को बर्बाद कर दिया था। ये परिवार अपना गांव छोड़ चुके हैं। पेड़ों पर रहने वाले परिवार के मुखिया जानकी मुंडा का कहना है कि दिन के समय हम लोग खेती के काम में लगे रहते हैं और बच्चे हाथियों पर फेंकने के लिए इंटों के छोटे-छोटे टुकड़े जमा करते रहते हैं।

झारखंड हाथियों के उत्पात की तबाही का गवाह रहा है। हाथियों के झुंड खड़ी फसलों और घरों को तबाह कर देते हैं और लोगों को मार डालते हैं। वर्ष 2000 के नवंबर में जब से बिहार को काटकर झारखंड का गठन हुआ है तब से अब तक 1000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

राज्य में हाथियों की संख्या वर्ष 2007 में जहां 624 थी वह 2012 में बढ़कर 688 हो गई। विभिन्न कारणों से करीब 154 हाथियों की विभिन्न कारणों से मौत हो चुकी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों ने हाथियों के आने-जाने के रास्ते में घर बना लिया है इसी वजह से यह टकराव हो रहा है। झारखंड के वन एवं पर्यावरण सचिव सुखदेव सिंह का कहना है कि हम लोग पेड़ों पर रहने वाले परिवारों को हर संभव मदद के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम भेजेंगे। मजबूर लोगों को हर संभव सहायता दी जाएगी।