फ्लैक्‍सी फेयर से रेलवे को घाटा, अब बदलाव पर विचार

शताब्दी और दूरंतों ट्रेनों में भी अब आरएसी टिकट दिए जाने पर विचार हो रहा है। जिसे साइड लोअर बर्थ को आरएसी कोटे में दिया जाएगा...

फ्लैक्‍सी फेयर से रेलवे को घाटा, अब बदलाव पर विचार

रेलवे ने अब आम आदमी को राहत देने के मामले में विचार किया है। रेलवे ने आम लोगों की यात्रा को सरल बनाने के लिए फ्लैक्सी फेयर में बदलाव का फैसला किया है। राजधानी, शताब्दी और दूरंतों ट्रेनों में भी अब आरएसी टिकट दिए जाने पर विचार हो रहा है। जिसे साइड लोअर बर्थ को आरएसी कोटे में दिया जाएगा।

बता दें कि अब इनवीआईपी ट्रेनों में तत्काल कोटा भी 30 फीसदी की जगह 10 फीसदी किया जाएगा। साथ ही किराए में भी कुछ राहत मिल सकती है। राजधानी, शताब्दी और दूरंतों के फ्लेक्सी किराये में 10 फीसदी कटौती हो सकती है।

वही रेलवे ने ये फैसला ट्रेनों में सीटें खाली होने की वजह से लिया है। 9 सितंबर को शुरू किए गए फ्लेक्सी सिस्टम से राजधानी, दूरंतों और शताब्दी ट्रेनों में आखिरी वक्त में बुकिंग कराने पर किराए में अधिकतम 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता था। लेकिन अब टिकट की बुकिंग 40 फीसदी तक ही महंगी होगी।

गौरतलब है कि फ्लेक्सी फेयर के तहत 10 फीसदी सीट बुक होने पर बेस फेयर में 10 फीसदी का इजाफा हो जाता है। रेलवे ने घाटे से उबरने के लिए इसे लागू किया। इस सिस्टम के तहत इन सभी ट्रेनों में उपलब्ध सीटों में से 10 फीसदी सीटों की बुकिंग मूल किराए पर थी। यानी अगर किसी जगह का मूल किराया 100 रुपये है तो पहले 10 फीसदी टिकट 100 रुपये के बेस प्राइस पर बुक होगें। 10 फीसदी सीटों की बुकिंग के बाद राजधानी और दूरंतों के अगले 10 फीसदी टिकट 110 रुपये के आधार पर बुक होंगे. इसके बाद अगले 20 फीसदी टिकट की बुकिंग के बाद अगले 10 फीसदी टिकट 120 रुपये पर बुक होगें. 30 फीसदी टिकट बुक होने के बाद अगले 10 फीसदी टिकट 130 रुपये पर बुक होंगे. इसी तरह 40 फीसदी टिकट बुक होने के बाद अगले अगले 10 फीसदी टिकट की बुकिंग 140 रुपये के दर पर होगी.