टाटा ट्रस्ट के चेयरपर्सन पद से इस्तीफा दे सकते हैं रतन टाटा

साइरस मिस्त्री को को पिछले दिनों अचानक टाटा समूह के चेयरपर्सन के पद से हटाने वाले रतन टाटा खुद भी टाटा ट्रस्ट्स के चेयरपर्सन पद से 'इस्तीफा दे सकते हैं'।

टाटा ट्रस्ट के चेयरपर्सन पद से इस्तीफा दे सकते हैं रतन टाटा

साइरस मिस्त्री को पिछले दिनों अचानक टाटा समूह के चेयरपर्सन के पद से हटाने वाले रतन टाटा खुद भी टाटा ट्रस्ट्स के चेयरपर्सन पद से 'इस्तीफा दे सकते हैं'। ट्रस्ट ने बाहरी कंसल्टेंट से नए चेयरमैन के चुनाव को लेकर सलाह मांगी है। अगले साल के बीच तक टाटा समूह के नए चेयरमैन की तलाश पूरी कर ली जाएगी। मीडिया रिपाेर्टस के हवाले यह बात रतन टाटा के पुराने करीबी आरके कृष्ण कुमार ने यह बात कही है। टाटा ट्रस्ट्स की 100 बिलियन डॉलर के टाटा समूह में 66 फीसदी की हिस्सेदारी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कृष्ण कुमार का कहना है कि ट्रस्ट्स का अगला चेयरपर्सन भारतीय होगा लेकिन जरूरी नहीं है कि वह टाटा परिवार का सदस्य हो। टाटा ट्रस्ट्सने इस बाबत एक बाहरी कंसल्टेंट से सलाह मशविरा किया है कि चुनाव की प्रक्रिया क्या हो। रतन टाटा और टाटा संस के अपदस्थ चेयरपर्सन साइरस मिस्त्री के बीच की तनातनी के बीच ट्रस्ट की अहम भूमिका है।

मिल रही जानकारी के मुताबिक टाट ट्रस्ट का समूह की लिस्टेड कंपनियों में 41 अरब डॉलर का निवेश है. पद छोड़ने के बाद भी रतन टाटा एक अहम सदस्य बने रहेंगे। टाटा ट्रस्ट्स से इस्तीफे से उन सवालों पर भी लगाम लग जाएगी, जिनमें कहा जा रहा था कि रतन टाटा ने टाटा संस के नेतृत्व को छोड़कर भी पीछे से कमान संभाल रखी थी।

मीडिया रिपाेर्टस के मुताबिक इस मामले ज्यादा जानकारी के लिए टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स उपलब्ध नहीं हो सके। रिपोर्ट के मुताबिक, कृष्ण कुमार ने यह भी कहा कि टाटा का उत्तराधिकारी जो भी होगा कोई बाहरी व्यक्ति ही होगा लेकिन फिर भी वर्तमान ट्रस्टीज़ संभावित उम्मीदवार का नाम सुझाने के लिए स्वतंत्र हैं।

टाटा समूह की कुछ कंपनियों में एक स्वतंत्र निदेशक एवं उद्योगपति नुस्ली वाडिया ने रतन टाटा, टाटा सन्स और उनके निदेशकों के खिलाफ 3000 करोड़ रुपए की मानहानि का मामला दर्ज कराया है। वाडिया ने यह मामला आज बॉम्बे हाई कोर्ट में दर्ज कराया गया है।

टाटा सन्स ने टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टाटा कैमीकल्स समेत टाटा समूह की फर्मों में स्वतंत्र निदेशक वाडिया पर अपने हित साधने का आरोप लगाते हुए उन्हें निदेशक मंडल से हटाने के लिए प्रस्ताव पेश किया था जिस पर कंपनियों के संबंधित शेयरधारकों को मतदान करना है। इससे पहले भी वाडिया ने टाटा सन्स बोर्ड को मानहानि नोटिस देकर कहा था कि वह उनके खिलाफ लगाए गए 'झूठे अपमानसूचक और अपमानजनक' आरोप वापस लें।