नाेटबंदी: महागठबंधन काे झटका, लालू से सहयाेगियाें का किनारा

बिहार में महागठबंधन का नोटबंदी के खिलाफ समर्थन नहीं मिला। राजद के प्रस्तावित महाधरना में जदयू और कांग्रेस शामिल नहीं होंगे। लालू प्रसाद ने कहा था कि 28 दिसंबर को प्रस्तावित महाधरना में उनके सहयोगी भी शामिल होंगे, लेकिन जदयू के साथ-साथ कांग्रेस ने भी इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है।

नाेटबंदी: महागठबंधन काे झटका, लालू से सहयाेगियाें का किनारा

बिहार में महागठबंधन का नोटबंदी के खिलाफ समर्थन नहीं मिला। राजद के प्रस्तावित महाधरना में जदयू और कांग्रेस शामिल नहीं होंगे। लालू प्रसाद ने कहा था कि 28 दिसंबर को प्रस्तावित महाधरना में उनके सहयोगी भी शामिल होंगे, लेकिन जदयू के साथ-साथ कांग्रेस ने भी इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है।

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने इस मामले पर मीडिया से कहा कि उनकी पार्टी धरने में शामिल नहीं होगी। राष्ट्रीय मुद्दों पर दलों की राय अलग-अलग हो सकती है और केवल नोटबंदी ही विपक्षी एकजुटता का पैमाना नहीं हो सकता। सिंह ने कहा की बिहार में गवर्नेंस साझा कार्यत्कम पर चल रहा है और यहां महागठबंधन में कोई मतभेद नहीं है। इधर, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा है कि कांग्रेस नोटबंदी पर राजद के धरने में शामिल नहीं होगी।

कांग्रेस के एक ओर दिल्ली में सभी दलों की बैठक करने और दूसरी ओर लालू के साथ धरने पर नहीं बैठने के सवाल पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने कहा कि राजद के सहयोगी दलों को लगता है कि लालू के पास काला धन है। इसी लिए उनके महाधरना को सहयोगी दल उचित नहीं मान रहे। नित्यानंद राय ने लालू के चौराहे वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि आज नोटबंदी का विरोध करने वाले नेताओं को जनता चौराहे पर खोज रही है।

सहयोगी दलों के साथ नहीं देने पर राजद ने मंगलवार को कहा कि कुछ लोग अपने ईगो के चलते उनके धरने में शामिल नहीं होना चाहते हैं, लेकिन पूरा महागठबंधन एक है। बुधवार को हमारी पार्टी शांतिपूर्ण तरीके से धरना देगी। इसके बाद पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद पूरे बिहार का भ्रमण करेंगे और जनता को नोटबंदी के खिलाफ  एकजुट करेंगे। पटना में विशाल रैली भी करेंगे।