70 करोड़ के कालेधन को सफेद कराने पर रोहित टंडन को ईडी ने किया गिरफ्तार

दिल्ली के लॉ फर्म के मालिक को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया है उन पर नोटबंदी के चलते अपने पास काला धन रखने और उसको सफेद कराने का आरोप है...

70 करोड़ के कालेधन को सफेद कराने पर रोहित टंडन को ईडी ने किया गिरफ्तार

दिल्ली के लॉ फर्म के मालिक को प्रवर्तन निदेशालय  ने गिरफ्तार कर लिया है उन पर नोटबंदी के चलते अपने पास काला धन रखने और उसको सफेद कराने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से 70 करोड़ की राशि को सफेद कराया है। इस मामले में ईडी ने टंडन से पूछताछ भी की थी। इसके बाद दिल्ली में कोटक महिंद्रा बैंक के मैनेजर की गिरफ्तारी भी इसी मामले में हुई थी।

बता दें कि रोहित टंडन के घर से मिले नए नोटों की जांच के दौरान ईडी को कई ऐसे अहम सुराग मिले जिससे होता हे कि उन्होंने कालेधन को सफेद किया है। इसी आधार पर ईडी ने दिल्ली के कस्तूरबा गांधी मार्ग स्थित कोटक महिंद्रा बैंक शाखा के मैनेजर को गिरफ्तार किया था। साकेत कोर्ट ने उसे पांच दिन की ईडी की कस्टडी में भेज दिया है। ईडी की पूछताछ में पता चला कि आशीष ने 38 करोड़ रुपये का फर्जी ड्राफ्ट बनाया था। जब उसने 13 करोड़ रुपये के नोट बदले थे। ईडी ने मैनेजर को हवाला कारोबारी पारसमल लोढ़ा और दिल्ली के वकील रोहित टंडन के साथ संबंध होने के चलते गिरफ्तार किया था।

गौरतलब है कि 6 अक्टूबर को आयकर विभाग ने रोहित टंडन की दिल्ली के ग्रेटर कैलाश स्थित टी एंड टी लॉ फर्म पर छापेमारी की थी जिसमें उन्होंने नोट बरामद किए थे। छापेमारी में टीम ने करीब 13.65 करोड़ रुपये बरामद किए थे। कोटक महिंद्रा बैंक की शाखा में दो संदिग्ध अकाउंट पाए जाने के बाद यह आयकर विभाग के जांच के दायरे में आ गई थी। ईडी के सूत्रों के मुताबिक बैंक मैनेजर आशीष कुमार ने फर्जी नाम से 38 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट बनाया जिसे बाद में आयकर विभाग ने कैंसल कर दिया था। उसने रोहित टंडन के 13 करोड़ रुपये के नोट सीधे बदले थे। रोहित टंडन ने स्वीकार किया है कि आशीष ने 51 करोड़ रुपये लिए और नोट बदले और 1.5 करोड़ रुपये का कमिशन लिया। वह रोहित टंडन के फार्म हाउस पर भी गया था।

साथ ही ईडी ने रोहित टंडन के मोबाइल से व्हाट्सएप के जरिए कई लोगों से बातचीत का ब्योरा भी बरामद किया था। वहीं ईडी की जांच में रोहित समेत कई बड़े कारोबारियों का नाम सामने आया था। ईडी जल्द सभी कारोबारियों से पूछताछ कर सकती है।