जानिए, सैलरी वीक शुरू होने से पहले सरकार की तैयारियां ?

देश में नोटबंदी के बाद सैलरी का पहला हफ्ता शुरू हो चुका है, एयरफोर्स ने RBI सेंटर्स पहुंचाईं 210 टन करंसी ।

जानिए, सैलरी वीक शुरू होने से पहले सरकार की तैयारियां ?

नोटबंदी के बाद और सैलरी मिलने का दौर शुरू होने से पहले एयरफोर्स ने 210 टन करंसी की सप्लाई प्रिंटिंग प्रेस से RBI के सेंटर्स तक कर दी है। जानकारी के अनुसार, मैसूर में नोटों की छपाई के लिए सरकार ने सेना से मदद मांगी है। वहां 200 जवान भेजे गए हैं।

नोटबंदी के बाद सेलरी का पहला हफ्ता शुरू हो चुका है। सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में सैलरी हर महीने की 30 से 7 तारीख के बीच आती है। केंद्र के ही 50 लाख इम्प्लॉई 58 लाख पेंशनर्स हैं। ऐसे में सरकार नहीं चाहती कि सैलरी वीक पर बैंकों में करंसी की कमी हो।

मैसूर में 200 जवानों को नोटों की छपाई में मदद के लिए लगाया गया है। नोट पहुंचाने के लिए भी जवानों की मदद ली जा रही है। 2000 के अलावा RBI का जोर 500 के नए नोट ज्यादा छापने पर भी है। न्यूज एजेंसी के अनुसार, IAF के C-130, C-17 और AN-32 विमानों को RBI सेंटर्स पर करंसी सप्लाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

RBI 7 दिसंबर तक बैंकों में कैश फ्लो बढ़ाने पर जोर देगा। जिन बैंकों के पास बड़े सैलरी अकाउंट हैं, वहां 20 से 30% तक एक्स्ट्रा कैश दिया जाएगा। नोटबंदी के बाद से SBI हर दिन 6000 करोड़ रुपये कस्टमर्स को बांट रहा है।

डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए केंद्र ने मुख्यमंत्रियों की 13 मेंबर की कमेटी बनाई है। इसे आंध्र के सीएम चंद्रबाबू नायडू लीड करेंगे। यह कमेटी दुनिया के बेस्ट डिजिटल पेमेंट सिस्टम को इंडियन सिस्टम में लाने के रास्ते तलाश करेगी। यह कमेटी कार्ड पेमेंट, डिजिटल वॉलेट, ई-वॉलेट, इंटरनेट बैंकिंग, UPI, बैंकिंग एेप को साल भर के भीतर सिस्टम में पूरी तरह शामिल करने पर जोर देगी।

कमेटी में ओडिशा सीएम नवीन पटनायक, एमपी सीएम शिवराज सिंह चौहान, महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फड़णवीस के अलावा नीति आयोग के वाइस चेयरमैन अरविंद पनगढ़िया और CEO अमिताभ कांत जैसे सदस्य शामिल हैं।

रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज मिनिस्ट्री ने बुधवार को कहा कि टोल कलेक्शन में जो छूट दी गई थी, वो 2 दिसंबर आधी रात से बंद हो जाएगी। सभी नेशनल हाई-वे पर टोल वसूला जाएगा। टोल प्लाजा पर स्मूद ट्रैफिक के लिए स्वाइप मशीनें मुहैया करा दी गई हैं ताकि टोल वसूली में कोई परेशानी ना आए।

अगर आपकी सैलरी बैंक में आती है और 24 हजार से कम तनख्वाह है तो आप पूरा अमाउंट एक साथ निकाल सकते हैं। अगर आपकी सैलरी 24 हजार से ज्यादा है तो आप हर हफ्ते की विद्ड्रॉअल लिमिट 24000 रुपए है। यानी आप हर हफ्ते 24-24 हजार करके निकाल सकते हैं।

ऐसे बैंक जिनमें ज्यादा सैलरी और पेंशन अकाउंट्स हैं उन्हें 20-30 फीसदी ज्यादा कैश दिया जा रहा है। बैंकों ने पिछले 4-5 दिनों से एटीएम और काउंटर पर कैश फ्लो में कमी की है, ताकि सैलरी देने के लिए नकदी मौजूद रहे।