समाजवादी पार्टी सांसद नरेश अग्रवाल ने दिया तीखे सवालों का जवाब

समाजवादी परिवार में जो गृहयुद्ध चला उसका फायदा मिलेगा या होगा नुकसान ? बीएसपी का मुस्लिमों को रिझाने का फार्मूला कारगर होगा या हो जाएगा फुस्स ? ऐसे तमाम सवालों के जवाब समाजवादी पार्टी के बड़े नेता और राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल ने नारदा न्यूज को दिया।

समाजवादी पार्टी सांसद नरेश अग्रवाल ने दिया तीखे सवालों का जवाब

क्या नोटबंदी ने देश का बुरा हाल कर दिया है ? नोटबंदी का नफा- नुकसान क्या होने वाला है ? आखिर क्या होगा यूपी चुनाव का परिणाम ? बिना सीएम फेस के यूपी के जंग में उतर रही बीजेपी का क्या होगा ?  समाजवादी परिवार में जो गृहयुद्ध चला उसका फायदा मिलेगा या होगा नुकसान ? बीएसपी का मुस्लिमों को रिझाने का फार्मूला कारगर होगा या हो जाएगा फुस्स ? ऐसे तमाम सवालों के जवाब समाजवादी पार्टी के बड़े नेता और राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल ने नारदा न्यूज को दिया। नारदा न्यूज के पॉलिटिकल एडिटर विकास राज तिवारी से सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने खुल कर बात की। पेश है बातचीत के मुख्य अंश...

नरेश अग्रवाल जी आप राजनीति में मंझे हुए खिलाड़ी हैं। आपको क्या लगता है। यूपी में महागठबंधन का फार्मूला सफल होगा और समाजवादी पार्टी किसके साथ गठबंधन करेगी।

यूपी में महागठबंधन जैसी कोई बात नहीं है, नेताजी महागठबंधन की संभावना को नकार चुके हैं। हां सीएम अखिलेश कांग्रेस के साथ गठबंधन चाहते हैं। साथ ही मेरी भी ईच्छा कांग्रेस के साथ गठबंधन की है। अंतिम फैसला सपा सुप्रीमो को करना है। बातचीत का दौर जारी है। जल्दी ही फैसला लिया जाएगा।

बीते दिनों में जो चाचा-भतीजा की लड़ाई जैसे हालात पैदा हुए थे क्या उसके बाद से अखिलेश की छवि में निखार आया है ?

समाजवादी परिवार में युद्ध,मतभेद और मनभेद नाम की कोई चीज नहीं है। पूरी पार्टी पूरा परिवार एक है हमारे यहां नेताजी का फैसला अंतिम होता है। सभी उनके फैसले को मानते हैं। सीएम अखिलेश की छवि पहले से ही अच्छी है। इस बार अखिलेश का इम्तहान है। अभी तक जितने सर्वे आए है अभी तक अखिलेश को ही लोगों ने बतौर चीफ मिनिस्टर पसंद किया है। अखिलेश यादव पर अभी तक कोई आरोप नहीं है। साफ छवि के नेता हैं और यूपी को विकास की राह से जोड़ा है। वहीं शिवपाल यादव खुद अखिलेश को आगे बढ़ाना चाहते हैं। रही बात प्रतिक यादव की तो वो अपना व्यापार चला रहे हैं। उनका राजनीतिक मामलों से लेना देना नहीं है।

आप आगामी यूपी चुनाव में जीत का दावा कर रहे हैं, तो नंबर टू कौन सी पार्टी हो सकती है ? सूबे में मुस्लिमों का सपा से मोहभंग होने के दावे में कितना दम है ?

जैसे पिछली बार सपा ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी वैसा ही इस बार भी होगा। नंबर टू के लिए बीजेपी और बीएसपी के बीच लड़ाई है। मुस्लिमों का सपा कोई मोहभंग नहीं हुआ है। मायावती जी सपा पर आरोप लगाने के बजाए अपनी पार्टी की हालत पर ध्यान दें। वो बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना चुकी हैं अब उनको मुस्लिमों से प्रेम जग गया है।

बीजेपी ने अभी तक अपना सीएम फेस तय नहीं किया है, क्या पीएम मोदी के सहारे है यूपी बीजेपी ? क्या आपकी पार्टी को इसका फायदा मिलेगा ?

यूपी बीजेपी के पास कुछ नहीं है, एक चेहरा तक नहीं है जिसके नाम पर वोट मिल सके। हमारी पार्टी का चेहरा सीएम अखिलेश हैं। हम अखिलेश की साफ छवि और विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएंगे। और सौ फीसदी हमारी जीत पक्की है।

नोटबंदी का यूपी चुनाव पर क्या असर पड़ेगा ?

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नोटबंदी केवल यूपी चुनावों में फायदा लेने की मंशा से सोची समझी प्लानिंग के तहत की गई है। ये देश हित में नहीं है। प्रधानमंत्री जी कह रहे हैं कि हम सभी को बराबर करना चाह रहे हैं। ये तो ठीक वैसे ही है जैसे अगर एक आंख फुटी हो तो दूसरी भी फोड़ देना। नोटबंदी कहिए, नसबंदी कहिए या फिर इमरजेंसी, इससे बीजेपी को भारी नुकसान यूपी चुनाव में होगा।

क्या आपको ऐसा लगता है कि नोटबंदी से देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई बढ़ेगी।

जी हां, इससे अमीर और अमीर होंगे और गरीब और ज्यादा गरीब। पहले तीन श्रेणियां होती थी अमीर, मध्यम और गरीब, प्रधानमंत्री जी ने मध्यम वर्ग को बिल्कुल ही खत्म कर दिया। जो मैसेज देने की कोशिश की गई कि हमने अमीर को गरीब कर दिया, हमने काला धन निकलवा दिया, ये सब छलावा है। कुल 14.50 लाख करोड़ के 500 और हजार के नोट देश में थे। 11 लाख करोड़ अब तक बैंक में आ चुके है। करीब एक महीने का वक्त बाकी है। जब 14.50 लाख करोड़ से भी ज्यादा धन बैंक में आने की उम्मीद है, तब हम पीएम से पूछेंगे कहां है काला धन। और वादा देश से बाहर के काला धन को वापस लाने का किया गया था देश में तो काला धन है ही नहीं।

सर्जिकल स्ट्राईक के बाद क्या बदला है, देश की सीमा की स्थिति को आप कैसे देखते हैं ?

पहले तो मैं मिलिट्री के राजनीतिकरण की निंदा करता हूं। देश ने कई बार सर्जिकल स्ट्राईक किए है। इस सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हमारे 32 जवान मारे जा चुके हैं। सीमा पर हालात और बिगड़ते जा रहे है। हमे तो इस बात पर संदेह है कि सर्जिकल स्ट्राईक हुई थी या नहीं। पाकिस्तान लगातार सर्जिकल स्ट्राईक को नकारता रहा है।