गुजरात के समित गोहेल ने रणजी में ट्रिपल सेंचुरी लगाकर रचा इतीहास

गुजरात के बल्लेबाज समित गोहेल ने रचा इतिहास, 117 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा, रणजी में ट्रिपल सेंचुरी का अंबार...

गुजरात के समित गोहेल ने रणजी में ट्रिपल सेंचुरी लगाकर रचा इतीहास

गुजरात रणजी टीम के ओपनर समित गोहेल ने मंगलवार को एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया. भीरत की ओर से ट्रिपल सेंचुरी लगाने वाले समित महज दूसरे बल्लेबाज हैं. उनसे आठ साल पहले वीरेंद्र सहवाग ने चेन्नई में ही 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यह कारनामा किया था.

यदि रणजी ट्रॉफी के इस सीजन में पर नजर डालें, तो अब तक 5 ट्रिपल सेन्चुरी लग चुकी हैं, इनमें से 2 गुजरात के लिए, तो वहीं महाराष्ट्र, दिल्ली और गोवा के लिए एक-एक ट्रिपल सेंचुरी बनी है, लेकिन इन सभी में सबसे खास रही समित गोहेल की ओडिशा के खिलाफ मंगलवार को बनाई गई ट्रिपल सेंचुरी.

समित गोहेल से पहले साल 1899 में इंग्लिश काउंटी टीम सरे के ओपनर बॉबी अबेल ने समरसेट के खिलाफ 357 रनों की पारी खेली थी और नाबाद लौटे थे. अब भारत के समित ने उन्हें पीछे छोड़ दिया है. संभवतः यह समित को भी नहीं मालूम होगा कि उन्होंने एक अनूठा वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. समित ने एक और उपलब्धि भी हासिल की. वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट के महज चौथे ऐसे बल्लेबाज हैं, जो ट्रिपल सेंचुरी लगाकर नाबाद लौटे हैं. वैसे फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद का ओपनर के रूप में सबसे बड़ा स्कोर है. उन्होंने ओपनिंग करते हुए 499 रन की पारी खेली थी, लेकिन वह आउट हो गए थे.

रणजी इतिहास में गुजरात से पहली बार लगीं ट्रिपल सेंचुरी

गुजरात रणजी टीम की ओर से साल 2016 से पहले कभी भी ट्रिपल सेंचटुरी नहीं लगी थी. लगभग एक महीने पहले ही उसके बल्लेबाज प्रियंक पांचाल (314*) ने पंजाब के खिलाफ राज्य की पहली ट्रिपल सेंचुरी लगाई और अब समित ने राज्य की दूसरी ट्रिपल सेंचुरी लगा दी है. पांचाल भी नाबाद लौटे थे.

साल 2016 रणजी सीजन में लगी अब तक की ट्रिपल सेन्चुरीः
गुजरात के समित गोहेल (359*) से पहले गोवा के सगुन कामत ने 20 अक्टूबर को सर्विसेस के खिलाफ 304 रन नाबाद, दिल्ली के ऋषभ पंत ने 13 अक्टूबर को महाराष्ट्र के खिलाफ 308 रन, महाराष्ट्र के स्वप्निल गुगाले ने 13 अक्टूबर को दिल्ली के खिलाफ 351 रन नाबाद और गुजरात के प्रियंक पांचाल ने 30 नवंबर को पंजाब के खिलाफ 314 रन नाबाद बनाए थे.