उत्तराखंड में मिली सातवें वेतन आयोग को मंजूरी, ये होंगे अहम फैसले

सातवें वेतन आयोग के लिए जितनी भी सिफारिश की गई उन सभी को राज्य कैबिनेट की बैठक से मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में दो कैबिनेट मंत्रियों की सब कमेटी इसे लागू करने की प्रक्रिया तय करेगी...

उत्तराखंड में मिली सातवें वेतन आयोग को मंजूरी, ये होंगे अहम फैसले

सातवें वेतन आयोग के लिए जितनी भी सिफारिश की गई उन सभी को राज्य कैबिनेट की बैठक से मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में दो कैबिनेट मंत्रियों की सब कमेटी इसे लागू करने की प्रक्रिया तय करेगी। वहीं आठ साल की सेवाएं पूरी कर चुके उपनल समेत अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा पर रखने का निर्णय भी ले लिया गया।

बता दें कि कैबिनेट की बैठक में शिक्षा विभाग की तीन नियमावलियों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इनमें उत्तराखंड अल्पकालिक शिक्षक सेवा भर्ती नियमावली-16, उत्तराखंड विशेष अधीनस्थ शिक्षक प्रवक्ता संशोधन नियमावली-16 और उत्तराखंड अधीनस्थ शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी (टीजीटी) संशोधन सेवा नियमावली-16 शामिल हैं।

गौरतलब है कि बैठक में कुछ अहम फैसले भी लिए गए हैं। जैसे- उपनल समेत अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा पर रखने का निर्णय लिया गया है। गेस्ट टीचरों को तीन साल तक संविदा पर रखा जाएगा। संतोषजनक सेवा देने वाले शिक्षकों को लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग स्थायी करेगा।

वहीं राज्य के स्कूलों में कार्यरत तीन हजार भोजन माताओं को वर्दी भत्ते के रूप में एक हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। इससे राज्य पर करीब तीन करोड़ का वित्तीय भार आएगा। मंडी समिति एवं कृषि विपणन बोर्ड में अनुभाग अधिकारी और निजी सचिव को 4800 ग्रेड-पे, कनिष्ठ सहायक को 2000 ग्रेड-पे, संगणक को 4600 का ग्रेड-पे पर प्रोन्नत किया जाएगा। उपखंड शिक्षाधिकारियों को विद्यालय निरीक्षक संवर्ग में प्रोन्नति में दिक्कत को देखते हुए उत्तराखंड प्रशासनिक संवर्ग सेवा नियमावली 2013 में संशोधन किया गया है।