शाहरूख के पास नहीं थे उनकी पसंद की कॉमिक्स खरीदने के पैसे

बॉलीवुड के शहनशाह कॉमिक किरदारों के बहुत बड़े फैन हैं। शाहरूख खान ने बताया कि उनकों कॉमिक्स का इतना शौक था कि वो उसे खरीदने के लिए दोस्तों और परिवार के सदस्यों से पैसे लिया करता था...

शाहरूख के पास नहीं थे उनकी पसंद की कॉमिक्स खरीदने के पैसे

बॉलीवुड के शहनशाह कॉमिक किरदारों के बहुत बड़े फैन हैं। शाहरूख खान ने बताया कि उनकों कॉमिक्स का इतना शौक था कि वो उसे खरीदने के लिए दोस्तों और परिवार के सदस्यों से पैसे लिया करता था। शाहरूख ने  निक्लोडियन किड्स च्वॉइस अवॉर्ड्स 2016 में अपने बचपन की कई बाते शेयर की उन्हें किड्स आइकन ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। किंग खान ने कहा- जब मैं बच्चा था तो हमेशा बड़ा होना चाहते था और अब मैं बड़ा होकर अपने बचपन को याद करता रहता हूं। मुझे लगता है कि बचपन हमारी जिंदगी का बेस्ट टाइम होता है क्योंकि उस वक्त हम केयरफ्री होते हैं।

अपने बचपन की बाते शेयर करते हुए कहा कि जब मुझे अपनी पसंद की लोटपोट कॉमिक्स खरीदनी होती थी तो में दोस्तों और परिवार के लोगों से पैसे मांगता था। इन किरदारों पर टीवी को देखकर अब बहुत अच्छा लगता है। मैं उन्हें बहुत पसंद करता था। मुझे कार्टून बहुत पसंद हैं। काम से लौटने के बाद मैं रिकॉर्डिड कार्टून देखने के बाद ही बेड पर सोने जाता हूं। निकलोडियन किड्स अवॉर्ड्स 2016 में वरुण धवन और आलिया भट्ट भी मौजूद थे। यह अवॉर्ड शो 1 जनवरी 2017 को निक पर प्रसारित किया जाएगा। बता दें कि मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय (एमएएनयूयू) ने बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा। उन्हें यह उपाधि अपनी फिल्मों के जरिए उर्दू भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने में असाधारण योगदान के लिए दी गई है।

गौरतलब है कि विश्वविद्यालय के कुलपति जफर सारेशवाला ने विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में शाहरुख को यह उपाधि प्रदान की। गाउन पहने और चश्मा लगाए स्नातक शाहरुख खान को यह उपाधि छात्रों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच दी गई। अपने संक्षिप्त संबोधन में शाहरुख खान ने विश्वविद्यालय को इस सम्मान के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस पल को देखकर उनके माता-पिता प्रसन्न होते, खास तौर से इसलिए कि वह अपनी मां के जन्मस्थान में सम्मानित हो रहे हैं।

शाहरुख ने कहा कि उनके पिता मौलाना अबुल कलाम आजाद के फॉलोअर थे। उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि मेरे पिता ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था और उनकी जमानत जब्त हो गई थी।” शाहरुख ने कहा कि उनके पिता बेहतरीन उर्दू और फारसी बोलते थे।