सपा ने 58 ऑफर किया, कांग्रेस ने मांगें 100

सपा और कांग्रेस के बीच बात केवल इस वजह से नहीं बन पा रही क्योंकि कांग्रेस को सीट सैकड़ा में चाहिए लेकिन सपा दहाई अंकों में सीट ऑफर कर रही है।

सपा ने 58 ऑफर किया, कांग्रेस ने मांगें 100

सपा और कांग्रेस के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन को लेकर बातचीत तेज हो गई है। खबर है कि समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस को 58 सीटों का ऑफर दिया है, लेकिन कांग्रेस 100 सीटों की मांग पर अड़ी हुई है। अंदरखाने में बातचीत का दौर जारी है। हांलाकी कांग्रेस या सपा का कोई भी नेता अभी खुलकर कोई बात करने को तैयार नहीं है। सीएम अखिलेश यादव कांग्रेस से गठबंधन को लेकर खुलकर ईच्छा जताई थी। वहीं नारदा न्यूज से खास बातचीत में समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल ने कहा था कि “हम भी कांग्रेस से गठबंधन करना चाहते है”।

राज्य की कुल 403 विधानसभा सीटों में सपा ने कांग्रेस को 58 सीटों की पेशकश की , जिससे इस सिलसिले में शुरुआती बातचीत अटक गई है।

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस चुनाव से पहले गठबंधन के लिए एक सम्मानजनक आंकड़े की तरफ देख रही है, जो कम से कम 3 अंकों में हो।

इनमें वैसी सीटें भी शामिल हैं, जहां कांग्रेस ने चुनाव जीता (28 विधानसभा सीटें)। साथ ही कांग्रेस वो सीटें भी लेना चाहती है, जहां 2012 के विधानसभा चुनावों में उसे सपा के मुकाबले ज्यादा वोट मिले थे
दिलचस्प बात ये है कि सपा ने 1993 में इसी आधार पर उस वक्त कांशीराम के नेतृत्‍व वाली बसपा के साथ समझौता किया था।
जिस कारण से 1992 में बाबरी मस्जिद के ढहाए जाने के बाद हुए चुनाव में बीजेपी राज्य की सत्ता में नहीं लौट सकी

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि मुलायम ने पार्टी की शुरुआत से अब तक महाराष्ट्र में सीमित अवधि को छोड़कर कभी भी कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं किया है।

बहरहाल, अखिलेश ने बार-बार संकेत दिए हैं कि वह निजी तौर पर कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन को लेकर इच्छुक हैं।