कलमडी, चाैटाला काे आईआेए का आजीवन अध्यक्ष बनाना मंजूर नहीं: विजय गाेयल

केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल ने भ्रष्टाचार में आराेपी सुरेश कलमाड़ी और अभय सिंह चौटाला को आईआेए का आजीवन अध्यक्ष बनाने के लिये भारतीय ओलंपिक संघ काे आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।

कलमडी, चाैटाला काे आईआेए का आजीवन अध्यक्ष बनाना मंजूर नहीं: विजय गाेयल

केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल ने भ्रष्टाचार में आराेपी सुरेश कलमाड़ी और अभय सिंह चौटाला को आईआेए का आजीवन अध्यक्ष बनाने के लिये भारतीय ओलंपिक संघ  काे आड़े हाथों लेते हुए आज यहां कहा कि यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है क्योंकि ये दोनों आपराधिक और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं।  आईओए ने चेन्नई में अपनी वार्षिक आम सभा में राष्ट्रमंडल खेल 2010 के दागी कलमाड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे एक अन्य पूर्व अध्यक्ष चौटाला को मानद आजीवन अध्यक्ष बनाने का फैसला किया।

गोयल ने अपने आवास पर आनन फानन में बुलाये गये प्रेस काॅन्फ्रेंस में कहा, आईओए ने सुरेश कलमाड़ी और अभय सिंह चौटाला को आईओए का आजीवन अध्यक्ष बनाने के प्रस्ताव से हम हैरान हैं। यह हमें पूरी तरह से अस्वीकार्य है क्योंकि वे दोनों आपराधिक और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। आईओए के कलमाड़ी और चौटाला को आजीवन अध्यक्ष बनाने के फैसले के कुछ घंटे बाद मंत्री ने कहा, सच्चाई यह है कि जब चौटाला और ललित भनोट आईओए का पदाधिकारी चुने गये थे तब आईओसी ने उन्हें निलंबित कर दिया था और इन दोनों को हटाने के बाद ही निलंबन हटाया गया।

आपकाे बतादें कि कलमाड़ी 1996 से 2011 तक आईओए अध्यक्ष रहे और उन्हें 2010 दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में घोटाले में भ्रष्याचार के कारण दस महीने जेल की सजा काटनी पड़ी थी। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था। चौटाला दिसंबर 2012 से फरवरी 2014 तक आईओए अध्यक्ष रहे। उस समय अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने चुनावों में आईओए को निलंबित कर रखा था क्योंकि उसने चुनावों में ऐसे उम्मीदवार उतारे थे जिनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल थे। आईओए अध्यक्ष के रूप में उनके चुनाव को आईओसी ने रदद कर दिया था। आईओए संविधान में संशोधन करने के बाद ही आईओसी ने फरवरी 2014 में निलंबन हटाया था।

गोयल ने आगे कहा कि मंत्रालय ने आईओए से इस संबंध में विस्तत रिपोर्ट मांगी है और इसके बाद ही इस मामले में उचित कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा, हमने (आईओए से) विस्तत रिपोर्ट मांगी है और इसके बाद हम स्थिति की समीक्षा करेंगे और फिर उचित कार्रवाई करेंगे। हमारी सरकार खेलों में सुशासन और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्ध है।