उच्चतम न्यायालय: सरकार हाईवे से शराब की दुकाने हटा सकती है

सुप्रीम काेर्ट ने राजमार्गों से शराब की दुकान हटाने की केंद्र की नीति पर अमल करने काे कहा है, कोर्ट ने केंद्र की नीति को सही ठहराते हुए कहा कि अगर सरकार चाहे ताे वह देश भर के हाइवे से शराब की दुकानों को हटाने के लिए आदेश भी दे सकती है।

उच्चतम न्यायालय: सरकार हाईवे से शराब की दुकाने हटा सकती है

सुप्रीम काेर्ट द्वारा दिए गए सुझाव की अगर बात करें, तो जल्द ही राष्ट्रीय और प्रदेश राजमार्गों पर खुली सभी शराब की दुकानों पर ताला लग सकता है। बीते बुधवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने राजमार्गों से शराब की दुकान हटाने की केंद्र की नीति पर अमल न होने को लेकर राज्य सरकारों, खासकर पंजाब और पुदुचेरी स्थित माहे प्रशासन पर तल्ख टिप्पणी की है। इसी पर कोर्ट ने केंद्र की नीति को सही ठहराते हुए कहा कि अगर सरकार चाहे ताे वह देश भर के हाइवे से शराब की दुकानों को हटाने के लिए आदेश भी दे सकती है।

बता दें कि कोर्ट ने राज्य सरकारों की खिंचाई करते हुए कहा कि वे शराब का लाइसेंस देकर पैसे बना रही हैं, लेकिन लोगों की जिंदगी और सुरक्षा जैसी जरूरी बातों को दरकिनार कर रही हैं। सुनवाई के दौरान जम्मू-कश्मीर के शराब विक्रेताओं की ओर से यह दलील दी गई कि जो लोग शराब पीकर गाड़ी चलाते हैं, वे शराब विक्रेता नहीं हैं। इस पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) टी. एस. ठाकुर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर आपको इतनी चिंता है कि लोग शराब पीकर हंगामा करते हैं, तो फिर आप शराब की होम डिलिवरी क्यों नहीं शुरू कर देते?

गौरतलब है कि इस मामले की सुनवाई करते हुए CJI ठाकुर, जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस एल. एन. राव की खंडपीठ ने अपने आदेश में कई बार कहा कि अदालत यह सुनिश्चित करेगी कि हाइवे पर शराब पीकर वाहन चलाने की बुरी आदत खत्म हो जाए। 'अराइव सेफ' नाम के एक गैर-सरकारी संगठन ( NGO) द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह बात कही। NGO ने अपनी याचिका में कहा था कि हर साल करीब 1.42 लाख लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं। इनमें से कई की मौत शराब पीकर वाहन चलाने के कारण होती है। NGO ने अदालत को बताया कि शराब की दुकाने हाईवे के साथ नजदीकी इस समस्या का एक प्रमुख कारण है।

वहीं पर पुदुचेरी, पंजाब और हरियाणा के शराब व्यापारी संगठन की ओर से पेश हुए वकीलों ने अदालत से आग्रह किया कि हाइवे पर शराब व्रिकेताओं को तय नियमों और प्रावधानों के तहत ही लाइसेंस दिया जाए, लेकिन अगर अचानक ही इन शराब दुकानों को बंद करने का फैसला लिया जाता है, तो व्रिकेताओं को काफी नुकसान होगा। जजों की खंडपीठ इन दुकानों की बड़ी तादाद जानकर बहुत हैरान थी। पुदुचेरी के माहे से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक किलोमीटर की दूरी में ही करीब 64 शराब के ठेके हैं। इसका मतलब यहां हर 15 मीटर की दूरी पर एक ठेका है, जबकि माहे की कुल आबादी केवल 42,000 है। यह हाइवे केरल के दो हिस्सों को भी जोड़ती है। केरल में शराब परोसने वाले बार्स पर प्रतिबंध लगा हुआ है।